प्राथमिक शिक्षक भर्ती में D.El.Ed डिग्री विवाद, भोपाल में DPI के बाहर अभ्यर्थियों का महाधरना
DPI Bhopal Protest: भोपाल में प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती में D.El.Ed डिग्री विवाद को लेकर चयनित अभ्यर्थियों ने DPI का घेराव किया। नियम-49 के तहत राहत और दस्तावेज सत्यापन में शामिल करने की मांग की।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
भोपाल में शिक्षकों का महाधरना (फोटो सोर्स- नवभारत)
MP Primary Teacher Recruitment D.El.Ed Dispute: मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती को लेकर D.El.Ed डिग्री विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) का घेराव कर शांतिपूर्ण महाधरना शुरू किया। प्रदर्शन में करीब एक हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए, जिन्होंने दस्तावेज सत्यापन (DV) में राहत देने और भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती के ऑनलाइन आवेदन पत्र के नियम-49 के अनुसार दस्तावेज सत्यापन (DV) की तिथि तक आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार पात्र माने जाते हैं। उनका आरोप है कि DPI ने अचानक 25 अगस्त 2025 को कट-ऑफ तिथि मानते हुए भर्ती प्रक्रिया के दौरान D.El.Ed डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया, जबकि वे मेरिट सूची में चयनित हैं।
नियम-49 के तहत शिथिलता देने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व की शिक्षक भर्तियों की तरह इस भर्ती में भी नियम-49 के तहत शिथिलता (Relaxation) दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि D.El.Ed के परिणाम को मान्य करते हुए उन्हें दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति का अवसर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक यदि ऐसा नहीं किया गया तो हजारों चयनित उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित होगा।
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पुरानी भर्तियों का दिया हवाला
अभ्यर्थियों ने दावा किया कि वर्ष 2011, 2018 और 2020 की शिक्षक भर्ती में भी दस्तावेज सत्यापन की तिथि तक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को पात्र माना गया था। उनका कहना है कि इस बार भी उसी व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के अनुसार वर्तमान भर्ती में करीब 1000 चयनित अभ्यर्थी इस निर्णय से प्रभावित हो रहे हैं।
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10 हजार पदों की भर्ती में फंसा मामला
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) के 10 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। अभ्यर्थियों ने सरकार और लोक शिक्षण संचालनालय से मांग की है कि नियम-49 के तहत शिथिलता प्रदान कर सभी पात्र अभ्यर्थियों की D.El.Ed डिग्री को मान्यता दी जाए और उन्हें दस्तावेज सत्यापन व नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाए। फिलहाल अभ्यर्थियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
