प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. एआई)
Drone And AI In Civil Defence: भूकंप हो, भीषण आग या बाढ़ आपदा के समय अब केवल इंसान ही नहीं बल्कि डिजिटल वॉरियर्स भी जान बचाने के लिए मैदान में हैं। विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस 2026 के मौके पर आइए देखते हैं कि कैसे ड्रोन और AI ने रेस्क्यू ऑपरेशंस को हाईटेक और सटीक बना दिया है।
हर साल 1 मार्च को दुनिया भर में विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस (World Civil Defence Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नागरिक सुरक्षा के महत्व और आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। साल 2026 में इस दिन की प्रासंगिकता और बढ़ गई है क्योंकि अब हमारी सुरक्षा का जिम्मा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट गैजेट्स ने भी संभाल लिया है।
पुराने समय में मलबे में दबे लोगों या घने जंगलों की आग में फंसे पीड़ितों को ढूंढना नामुमकिन जैसा होता था। लेकिन आज थर्मल इमेजिंग ड्रोन शरीर की गर्मी को पहचान कर अंधेरे या धुएं के बीच भी इंसानों का पता लगा लेते हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जहां नावें नहीं पहुंच सकतीं वहां ये ड्रोन दवाइयां, खाना और लाइफ जैकेट पहुंचाने वाले मसीहा साबित हो रहे हैं।
एआई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्यवाणियां करने में सक्षम है। आधुनिक एल्गोरिदम मौसम के पैटर्न और जमीन के भीतर की हलचल का विश्लेषण कर भूकंप या सुनामी जैसी आपदाओं की सटीक चेतावनी समय से पहले दे देते हैं। इससे प्रशासन को लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कीमती समय मिल जाता है। इसके अलावा रेस्क्यू के दौरान AI रोबोट्स ऐसी जगहों पर जा सकते हैं जहाँ जहरीली गैस या अत्यधिक तापमान के कारण इंसानों का जाना खतरनाक होता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
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आज के दौर में स्मार्ट सेंसर शहरों की नसों की तरह काम कर रहे हैं। गैस पाइपलाइन में लीकेज हो या शॉर्ट सर्किट की आशंका ये सेंसर तुरंत नागरिक सुरक्षा कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देते हैं। सोशल मीडिया डेटा का विश्लेषण कर AI यह भी बता सकता है कि किस इलाके में सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है जिससे राहत कार्य अधिक संगठित हो गए हैं।
तकनीक ने बेशक नागरिक सुरक्षा को मजबूत किया है लेकिन विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस हमें याद दिलाता है कि तकनीक के साथ-साथ हर नागरिक का जागरूक होना भी जरूरी है। जब मशीनों की सटीकता और इंसान का जज्बा मिलता है तभी हम एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।