जानिए हैलो शब्द का इतिहास (सौ. सोशल मीडिया)
World Hello Day 2025: दैनिक जीवन में फोन उठाने के बाद अभिवादन करने या किसी से बात शुरु करने से पहले ‘हैलो’ शब्द कहते है। हैलो एक ऐसा शब्द जिसे फोन उठाने ही नहीं किसी से मुलाकात के बाद अभिवादन के रूप में कहते है। यह आमतौर पर नमस्ते का ही एक रूप है जो हम कहते है। लेकिन आपने कभी आपने सोचा है यह हैलो शब्द कहां से आया और इसका इस्तेमाल ही क्यों किया जाता है। हैलो शब्द किसी के खुशी में शामिल होने जाना हो या गम में साथ निभाने के लिए एक सकारात्मक शब्द होते है।
हैलो शब्द की उपयोगिता बताने के लिए हर साल 21 नवंबर को विश्व हैलो दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का इतिहास कितना पुराना है और फोन से हैलो का क्या कनेक्शन है जानते हैं इसके बारे में।
यहां पर विश्व हैलो दिवस के इतिहास की बात करें तो, 1973 में योम किप्पुर युद्ध के दौरान एक संघर्ष में हजारों सैनिकों और नागरिकों दोनों की जान चली गई। उस दौरान जब युद्ध समाप्त हुआ है तब ‘हैलो’ शब्द शांति और सद्भावना की पहली अभिव्यक्ति के रूप में उभरा, जो विश्व हैलो दिवस की शुरुआत का प्रतीक था। कहा जाता है कि, हैलो कहने से व्यक्तियों के बीच आपसी शत्रुता दूर हो जाती है। इतना ही नहीं हैलो शब्द का इस्तेमाल दुनियाभर में किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, ‘हैलो’ शब्द का सेलिब्रेशन 180 देशों में किया जाता है। हैलो शब्द अभिवादन के रूप में ही नहीं बातचीत की आसान शुरुआत के रूप में भी काम करता है।
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दुनिया में हैलो शब्द की उत्पत्ति और इतिहास के बारे में तो जानकारी मिल गई लेकिन टेलीफोन और हैलो के बीच क्या संबंध है इसके बारे में बताया गया है। कहानी के अनुसार, ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था. उनकी प्रेमिका का नाम हैलो था। जहां पर टेलीफोन के अविष्कार के बाद उन्होंने बात की तो पहला शब्द ‘हैलो’ कहकर उसका नंबर डायल किया. तब से फ़ोन कॉल करते समय ‘हैलो’ पारंपरिक अभिवादन बन गया। अभिवादन के लिए हैलो शब्द का इस्तेमाल किया जाता था इसके लिए फोन पर भी इसे बोला जाने लगा। इसमें अब तक किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।