जब प्रेमिका का नाम बन गया अभिवादन, जानिए हैलो दिवस की कहानी
दुनियाभर में विश्व हैलो दिवस 21 नवंबर को मनाया जाता है। आखिर फोन उठाकर हैलो ही बोला जाता है औऱ कोई शब्द क्यों नहीं। चलिए जानते हैं इसके पीछे की कहानी।
विश्व हैलो दिवस
आज 21 नवंबर को दुनियाभर में हैलो दिवस मनाया जा रहा है।
फोन पर इस्तेमाल
अक्सर फोन उठाते हर कोई हैलो बोलने लगते हैं यह अभिवादन का तरीका होता है।
कब हुई शुरुआत
इस दिवस का इतिहास सन् 1973 से जुड़ा हुआ है जिसमें युद्ध की समाप्ति पर हैलो कहा गया था।
हैलो शब्द
यह शब्द दरअसल शांति और सद्भावना की पहली अभिव्यक्ति के रूप में होता है। इससे आपसी शत्रुता दूर होती है।
कहां मनाते हैं
यहां पर हैलो दिवस को 180 देशों में मनाया जाता है तो वहीं पर इसका चलन अब हो गया है।
बातचीत
यहां फोन पर अभिवादन के रूप में बातचीत की आसान शुरुआत का शब्द हैलो है।
ग्राहम बेल
टेलीफोन के अविष्कारक ने ऐसी तकनीक बनाई जो दो लोगों के संवाद को दूरी रहने के बाद भी आपस में जोड़ता है।
प्रेमिका का नाम
दरअसल बेल की प्रेमिका का नाम हैलो था जिसमें टेलीफोन पर सबसे पहले यह शब्द बोला था।
पारंपरिक अभिवादन
फ़ोन कॉल करते समय 'हैलो' पारंपरिक अभिवादन बन गया है जो आज तक चलता आ रहा है।
