इंजेक्शन से बदला जा रहा तरबूज का रंग! जानिए क्या है असली सच्चाई, FSSAI ने क्या बताया?
Watermelon Myths: गर्मी का मौसम आते ही सबसे पहले फलों में तरबूज याद आता है और साथ मन में कई सवाल जैसे- तरबूज में इंजेक्शन से तो रंग नहीं डाला गया। जानिए FSSAI ने इस मिथक के में क्या जानकारी दी है।
- Written By: वंदना शर्मा
इंजेक्शन से बदला जा रहा तरबूज का रंग, सोर्स- सोशल मीडिया
Injected Watermelon Truth: गर्मी का मौसम आते ही सबसे पहले तरबूज याद आता है और साथ में मन में कई सवाल आते हैं कि तरबूज में इंजेक्शन से तो रंग नहीं डाला गया। हाल ही में तरबूज खाते ही लोगों की तबीयत खराब होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी के चलते लोगों में काफी मिथ भी चल रहे हैं। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI ने क्या जानकारी दी है?
तरबूज गर्मियों में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है, लेकिन हाल ही में बहुत से मामले सामने आ रहे है, जिसमें तरबूज खाने से लोगों की तबीयत खराब हो रही है। इतना ही नहीं, लोगों की मृत्यु के भी मामले सामने आ रहे है। इसके पीछे बेशक कोई भी कारण रहा हो, लेकिन इस वजह से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जैसे तरबूज में केमिकल वाला रंग तो नहीं डाला जा रहा है।
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके पीछे की पूरी सच्चाई बताई है। आपको बहुत से इंफ्लुएंसर ये भी बताते हुए दिखेंगे कि तरबूज को पानी में डालने पर अगर पानी का रंग लाल होता है, तो इसका मतलब है कि तरबूज में इंजेक्शन द्वारा सिंथेटिक कलर डाला गया है। इसके चलते लोग डर की वजह से तरबूज खरीदना बंद कर देते हैं, अगर आप भी इस तरह की बातों पर भरोसा करते है तो आइए जान लेते हैं कि FSSAI का इस बारे में क्या कहना है।
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इंजेक्शन से तरबूज में रंग डालना
आप सभी ने अपने आस पास या सोशल मीडिया पर ये सुना होगा कि तरबूज में लाल रंग देने के लिए डाई वाले रंग का इंजेक्शन देते हैं। FSSAI के मुताबिक, ऐसा करना मुमकिन नहीं है। दरअसल उनका कहना है कि जब तरबूज में डाई वाले लाल रंग को इंजेक्शन से डालते हैं तो वह कलर पूरी तरह से तरबूज के अंदर नहीं फैल पाता और धब्बे बन जाते हैं, जहां पर इंजेक्शन लगाया जाता है।
ज्यादा खर्च होना भी है एक वजह
तरबूज की मार्केट में ज्यादा मांग रहती है और गर्मी के मौसम में तरबूज की पैदावार बहुत ज्यादा होती है। तो ऐसे में तरबूज में इंजेक्शन से लाल रंग डाला जाना मुमकिन नहीं है। दरसल ऐसा करने पर खर्च बढ़ जाता है और बल्क में तरबूजों में इंजेक्शन लगाने के लिए लेबर भी ज्यादा लगानी पड़ती है।
शुरू हो जायेगा तरबूज का सड़ना
तरबूज में अगर इंजेक्शन से लाल रंग डालेंगे तो साथ में बैक्टीरिया भी अंदर चला जायेगा, जिस वजह से तरबूज सड़ना शुरू हो जाता है और खाने में भी अच्छा स्वाद नहीं आता है। इस तरह तरबूज में इंजेक्शन से लाल रंग डालने वाला दावा बिल्कुल गलत है।
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तरबूज है न्यूट्रिएंट्स का राजा
तरबूज को बिना किसी डर के अपनी डाइट में खा सकते है और इससे होने वाले सभी न्यूट्रिएंट्स का लाभ पा सकते है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के मुताबिक, तरबूज के अंदर 90 % पानी होता है जो गर्मी के मौसम में आपकी बॉडी को डिहाईड्रेशन होने से बचाता है। इसके अलावा इसके अंदर कैल्शियम, मैगनीशियम, पोटैशियम, विटामिन सी, फ्लोराइड आदि कई सारे न्यूट्रिएंट्स होते हैं। इसलिए तरबूज को न्यूट्रिएंट्स का राजा कहते हैं।
