आज है ‘जन औषधि दिवस, आम नागरिकों के हित के लिए इस अभियान का इतिहास और उद्देश्य ज़रूर जानें
- Written By: दीपिका पाल
जन औषधि दिवस 2024 (सोशल मीडिया)
सीमा कुमारी
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: आज यानि 7 मार्च को पूरे भारत में ‘जन औषधि दिवस’ (Janaushadhi Diwas 2024) मनाया जा रहा हैं। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को जेनरिक दवाओं (Generic Medicines) के प्रति जागरूकता और विश्वास पैदा करना है।
कब से हुई दिवस की शुरुआत
जानकारों के अनुसार, यह दिन पहली बार साल 2019 में मनाया गया था। जेनेरिक दवाएं बिना ब्रांड वाली दवाएं होती हैं। जो ब्रांडेड दवाओं की तरह ही बिल्कुल सुरक्षित और फायदेमंद होती हैं। अगर दिख जाए, तो मेडिटेशन के लिए ब्रांडेड दवाओं की तुलना में जेनेरिक दवाएं काफी सस्ती होती हैं। जन औषधि का सबसे बड़ा फायदा उसकी कीमत को लेकर है। वहीं, ब्रांडेड दवाओं की तुलना में जेनेरिक दवाएं बहुत सस्ती होती हैं।
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आपको बता दें कि कई दवाएं 90 प्रतिशत तक पैसे बचाती हैं। ब्रांडेड दवाओं की तुलना में जेनेरिक दवाओं की औसत कीमत 40-60 फीसदी कम होती है। जन औषधि दवाओं ने भारत में जानलेवा बीमारियों से पीड़ित रोगियों के जेब खर्च को कम करने में बड़ी भूमिका निभाती है। ऐसे में आज आइए जानें भारत में क्यों मनाया जाता है ‘जन औषधि दिवस’
5 साल पहले की गई थी इस योजना की घोषणा
प्रधानमंत्री जन औषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2015 को घोषित एक खास योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक (Generic) दवाइयां बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए सरकार द्वारा ‘जन औषधि स्टोर’ बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती है।
ब्रांडेड दवाईयां होती है महंगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाजार में मिलने वाली नामी कंपनियों की ब्रांडेड दवाइयां आमतौर पर काफी महंगी होती है। चूंकि वे ज्यादा प्रचलित होती है तथा सरलता से सभी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध भी होती है। ऐसे में चिकित्सक भी उन्हीं दवाओं को प्रिस्क्रिप्शन में लिखते है। वहीं, जेनेरिक दवाएं जन औषधि केंद्रों पर मिलती है। उनकी कम कीमत तथा कुछ अन्य कारणों के चलते भी आमतौर पर लोगों के मन में ये सवाल रहते हैं कि क्या ये दवाइयां सही है और क्या ये उतनी ही असरदार है जितनी महंगी दवाएं होती है?ॉ
क्या है आयोजन का उद्देश्य
इन्हीं सब मुद्दों को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता पैदा करना तथा जेनरिक दवाओं के प्रति लोगों में विश्वास पैदा करना ही जन औषधि दिवस तथा सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही यह आयोजन हर व्यक्ति तक दवा उपलब्ध कराने के भारत सरकार के प्रयास तथा इस दिशा में उनकी उपलब्धियां को मनाने का भी दिन है।
जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
‘जन औषधि दिवस’ से पहले मार्च माह की शुरुआत से ही सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा कई प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिनमें चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, ऐसे लोग जो जेनेरिक दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, जन औषधि केंद्रों से जुड़े लोग, बच्चे तथा आम जन भी शामिल होते है।
इस अवसर पर पीएमबीजेपी (PMBJK) तथा फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) द्वारा शैक्षणिक संस्थानों और गैर सरकारी संगठनों में सेमिनार, कार्यक्रम, हेरिटेज वॉक, स्वास्थ्य शिविर और कई अन्य गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है।
