चेहरे के इस हिस्से को कहा जाता है मृत्यु का त्रिकोण, गलती से भी यहां नहीं फोड़ें पिंपल

पिंपल अगर चेहरे पर नजर आ जाए तो, इससे फोड़कर ठीक करने में कोई वक्त नहीं लगाते है फोड़ देते है लेकिन ऐसा करना नुकसान पहुंचाता है। चेहरे के एक हिस्से में पिंपल को फोड़ना मौत को बुलाने जैसा होता है इसे मृत्यु का त्रिकोण कहते है।
Triangle of Death, Skin Care
चेहरे का एक हिस्सा मृत्यु का त्रिकोण (सौ.सोशल मीडिया)
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 triangle of death : चेहरे की खूबसूरती हर किसी को भांति है इसके लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर चमकना पसंद करते है लेकिन कई मामले में ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के ज्यादा या बिना देख-रेख के इस्तेमाल से नुकसान पहुंचता है। कई बार ये साइड इफेक्ट्स पिंपल के रूप में चेहरे पर उभर आते है जिससे हर किसी को चेहरा बिगड़ने का खतरा सताता है।

पिंपल अगर चेहरे पर नजर आ जाए तो, इससे फोड़कर ठीक करने में कोई वक्त नहीं लगाते है फोड़ देते है लेकिन ऐसा करना नुकसान पहुंचाता है। चेहरे के एक हिस्से में पिंपल को फोड़ना मौत को बुलाने जैसा होता है जानिए ऐसा क्यों इस खबर में।

किस हिस्से को कहते हैं मृत्यु का त्रिकोण

आपके चेहरे का एक सेंसेटिव हिस्सा होता है जिसे बिल्कुल भी छेड़ना नहीं चाहिए इसे दरअसल मृत्यु का त्रिकोण कहते है। इसे ऐसे समझें तो, चेहरा का वो एरिया होता है जो मुंह के कोने से नाक पर जुड़ा होता यानि जो अपर लिप के दोनों कॉर्नर से अगर एक इंच उंगली रखकर और मेजर किया जाए तो उतने हिस्से को ट्राई एंगल और डेथ कहा जा सकता है।

जब आप इस एरिया बने पिंपल को फोड़ने की जहमत उठाते हैं तो इसका असर आपके दिमाग पर पड़ता है। इसे लेकर एक स्टडी में भी कहा गया है कि, 'फेशियल इंफेक्शन का खतरा इस एरिया के पास हो जाता है अगर आप गलती से भी पिंपल को छेड़ते है। फेशियल इंफेक्शन की स्थिति उसे कहते हैं खोपड़ी के अंदर ब्लड जमा होने की स्थिति है, जो किसी के लिए भी जान लेवा हो सकती है।

पिंपल फोड़ने से खत्म नहीं बढ़ जाता है

यहां पर बात करें तो, पिंपल को आप फोड़ देते हैं तो सोचते हैं अब हमेशा के लिए पिंपल नहीं आएंगे लेकिन आपके उस पर हाथ लगाने से पिंपल्स और एक्ने होने की संभावना बढ़ जाती है। यानी की जब आप पिंपल को फोड़ते हैं तो बैक्टिरिया, डेड स्किन सेल्स और ऑयल स्किन में अंदर तक घुस जाता है, जिससे सूजन और रेडनेस होने लगती है और दर्द होता है। यह स्थिति हेयर फॉलिकल को भी बढ़ाने में मदद करती है।

ऐसे रखें ख्याल

इस समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना जरुरी होता है। इसके लिए आप माइल्ड एक्ने ट्रीटमेंट के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं जैसे 'बेंजोयल पेरोक्साइड 2.5-10% दिन में एक बार, एजेलिक एसिड 20% दिन में दो बार, ट्रेटिनोइन 0.1-0.25% दिन में एक बार' चेहरे पर इस्तेमाल करें।

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