Sleeping With Lights On: रात में लाइट ऑन करके सोना कितना सही? जानें नींद और सेहत पर इसका असर

Sleeping With Lights On: रात में हल्की रोशनी में सोना आपकी स्लीप क्वालिटी को बढ़ा सकता है। जानें रात की रोशनी का नींद पर क्या असर पड़ता है और सोने के लिए कमरा कितना अंधेरा होना चाहिए।
Sleeping with lights on effects sleep quality melatonin blue light
नींदफोटो.सोशल मीडिया
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Lights While Sleeping: रात में कमरे में हल्की रोशनी, नाइट लैंप, टीवी या फैंसी लाइट जलाकर सोना कई लोगों की आदत होती है। लेकिन नींद के दौरान रोशनी सिर्फ कमरे को रोशन नहीं करती, बल्कि शरीर की सरकैडियन रिदम को भी प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर नींद के लिए बेडरूम को जितना संभव हो, अंधेरा रखना बेहतर है।

नींद के लिए अंधेरा क्यों जरूरी है?

हमारे शरीर की सरकैडियन रिदम रोशनी और अंधेरे से काफी प्रभावित होती है। दिन में रोशनी शरीर को सक्रिय रहने का संकेत देती है, जबकि रात का अंधेरा शरीर को आराम और नींद के लिए तैयार करता है। इसलिए रात में लगातार रोशनी मिलने से शरीर को रेस्टिंग के संकेत नहीं मिलते हैं।

रोशनी मेलाटोनिन को प्रभावित कर सकती है

अंधेरा होने पर मस्तिष्क मेलाटोनिन नामक हार्मोन बनाता है, जो नींद के समय को नियंत्रित करने में मदद करता है। रात में कृत्रिम रोशनी इस प्रक्रिया को दबा सकती है। खासतौर पर तेज और नीली रोशनी का प्रभाव अधिक हो सकता है।

नींद हल्की और बार-बार टूट सकती है

रात में रोशनी रहने से जरूरी नहीं कि आप पूरी तरह जाग जाएं। लेकिन यह नींद को अधिक हल्का कर देती है और बार-बार नींद खुलती है। रात में होने वाली छोटी-छोटी जागने की घटनाएं कई बार याद भी नहीं रहतीं, फिर भी वे नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। इसका असर अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में समस्या के रूप में महसूस हो सकता है।

ब्लू लाइट का असर ज्यादा क्यों माना जाता है?

मोबाइल, टैबलेट, टीवी और कुछ एलईडी लाइट से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर की जैविक घड़ी को खास तौर पर प्रभावित कर सकती है। यह दिन के उजाले जैसी रोशनी का संकेत देती है और रात में नींद आने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है।

कौन-सी रोशनी रात में बेहतर है?

सबसे अच्छा विकल्प है कि सोते समय कमरे में रोशनी बंद रखें। अगर सुरक्षा, बच्चों या किसी अन्य कारण से रोशनी जरूरी है, तो बहुत हल्की वॉर्म लाइट इस्तेमाल की जा सकती है। इसे बिस्तर से दूर और आंखों की सीधी पहुंच से नीचे रखना बेहतर है। टाइमर लगाकर कुछ देर बाद लाइट को बंद भी किया जा सकता है।

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अच्छी नींद के लिए कैसा हो बेडरूम?

सोने की जगह अंधेरी, शांत और आरामदायक होनी चाहिए। सोने से पहले तेज रोशनी और स्क्रीन टाइम कम करें। सोने और जागने का समय नियमित रखें। अनावश्यक रूप से रोशनी का इस्तेमाल न करें।

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