- Hindi News »
- Lifestyle »
- Read This Story In Jeevitputrika Vrat Wishes Will Be Fulfilled
‘जीवित्पुत्रिका व्रत’ में पढ़ें यह कथा, मनोकामनाएं होंगी पूरी
- Written By: मृणाल पाठक

File Photo
-सीमा कुमारी
हर साल आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘जितिया व्रत’ रखा जाता है। यह व्रत छठ व्रत की तरह तीन दिन तक चलता है। इसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। माताएं अपनी संतान के लिए ये व्रत निराहार और निर्जला करती हैं। इस बार ‘जीवित्पुत्रिका व्रत’ का पर्व 28 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक चलेगा। ‘जीवत्पुत्रिका व्रत’ 28 सितंबर को नहाए खाए के साथ आरंभ होगा और 29 सितंबर को पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाएगा। इसके अगले दिन 30 सितंबर को व्रत का पारण होने के साथ ही इस पर्व का समापन किया जाएगा। इस व्रत में जीऊतवाहन की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान व्रत कथा जरूर पढ़ी जाती है।
धार्मिक मान्यता है कि जितिया की व्रत कथा पढ़ने भर से ही धन-धान्य, समृद्धि, संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है। इससे संतान को लंबी आयु का वरदान भी मिलता है।आइए जानें ‘जीवित्पुत्रिका व्रत’ पौराणिक कथा के बारे में –
सम्बंधित ख़बरें
राजपाल यादव ने बेल पर जेल से बाहर आते ही दिया बड़ा बयान, बोले- मैं चलती-फिरती चेक बुक हूं
थायराइड से स्ट्रेस तक की छुट्टी कर देगा सिर्फ यह 1 योगासन, जानें करने का सही तरीका
गुरुग्राम में आधी रात गोलियों की गूंज, फैशन डिजाइनर मयंक चावला के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, STF ने 3 शूटर दबोचे
आज का मौसम: सर्दी अभी गई नहीं! 6 राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, Delhi-UP में बढ़ेगी तपिश; पढ़ें IMD अपडेट
कथा-
पौराणिक कथा के अनुसार, नर्मदा नदी के पास एक नगर था कंचनबटी। उस नगर के राजा का नाम मलयकेतु था। नर्मदा नदी के पश्चिम में बालुहटा नाम की मरुभूमि थी, जिसमें एक विशाल पाकड़ के पेड़ पर एक चील रहती थी। उस पेड़ के नीचे एक सियारिन भी रहती थी। दोनों पक्की सहेलियां थीं। दोनों ने कुछ महिलाओं को देखकर जितिया व्रत करने का संकल्प लिया और दोनों ने भगवान श्री जीऊतवाहन की पूजा और व्रत करने का प्रण ले लिया। लेकिन, जिस दिन दोनों को व्रत रखना था। उसी दिन शहर के एक बड़े व्यापारी की मृत्यु हो गई और उसका दाह संस्कार उसी मरुस्थल पर किया गया। सियारिन को अब भूख लगने लगी थी। मुर्दा देखकर वह खुद को रोक न सकी और उसका व्रत टूट गया। पर, चील ने संयम रखा और नियम व श्रद्धा से अगले दिन व्रत का पारण किया।
फिर अगले जन्म में दोनों सहेलियों ने ब्राह्मण परिवार में पुत्री के रूप में जन्म लिया। उनके पिता का नाम भास्कर था। चील बड़ी बहन बनी और उसका नाम शीलवती रखा गया। शीलवती की शादी बुद्धिसेन के साथ हुई। सियारन छोटी बहन के रूप में जन्मी और उसका नाम कपुरावती रखा गया। उसकी शादी उस नगर के राजा मलायकेतु से हुई। अब कपुरावती कंचनबटी नगर की रानी बन गई। भगवान जीऊतवाहन के आशीर्वाद से शीलवती के सात बेटे हुए। पर, कपुरावती के सभी बच्चे जन्म लेते ही मर जाते थे। कुछ समय बाद शीलवती के सातों पुत्र बड़े हो गए। वे सभी राजा के दरबार में काम करने लगे।
कपुरावती के मन में उन्हें देख इर्ष्या की भावना आ गयी। उसने राजा से कहकर सभी बेटों के सर काट दिए। उन्हें सात नए बर्तन मंगवाकर उसमें रख दिया और लाल कपड़े से ढककर शीलवती के पास भिजवा दिया। यह देख भगवान जीऊतवाहन ने मिट्टी से सातों भाइयों के सर बनाए और सभी के सिर को उसके धड़ से जोड़कर उन पर अमृत छिड़क दिया। इससे उनमें जान आ गई। सातों युवक जिंदा हो गए और घर लौट आए। जो कटे सर रानी ने भेजे थे वे फल बन गए। दूसरी ओर रानी कपुरावती, बुद्धिसेन के घर से सूचना पाने को व्याकुल थी। जब काफी देर सूचना नहीं आई तो कपुरावती स्वयं बड़ी बहन के घर गई। वहां सबको जिंदा देखकर वह सन्न रह गयी। जब उसे होश आया तो बहन को उसने सारी बात बताई।
अब उसे अपनी गलती पर पछतावा हो रहा था। भगवान जीऊतवाहन की कृपा से शीलवती को पूर्व जन्म की बातें याद आ गई। वह कपुरावती को लेकर उसी पाकड़ के पेड़ के पास गयी और उसे सारी बातें बताईं। कपुरावती बेहोश हो गई और मर गई। जब राजा को इसकी खबर मिली तो उन्होंने उसी जगह पर जाकर पाकड़ के पेड़ के नीचे कपुरावती का दाह-संस्कार कर दिया।
Read this story in jeevitputrika vrat wishes will be fulfilled
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
राजपाल यादव ने बेल पर जेल से बाहर आते ही दिया बड़ा बयान, बोले- मैं चलती-फिरती चेक बुक हूं
Feb 27, 2026 | 08:57 AMथायराइड से स्ट्रेस तक की छुट्टी कर देगा सिर्फ यह 1 योगासन, जानें करने का सही तरीका
Feb 27, 2026 | 08:51 AMगुरुग्राम में आधी रात गोलियों की गूंज, फैशन डिजाइनर मयंक चावला के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, STF ने 3 शूटर दबोचे
Feb 27, 2026 | 08:39 AMआज का मौसम: सर्दी अभी गई नहीं! 6 राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, Delhi-UP में बढ़ेगी तपिश; पढ़ें IMD अपडेट
Feb 27, 2026 | 08:30 AMशहापुर के वाशाला जंगल में मरा मिला तेंदुआ, पंजे काटकर ले गए शिकारी
Feb 27, 2026 | 08:24 AMपूर्वी कांगो में सामूहिक कब्रें मिलने से मचा हड़कंप, विद्रोही समूह M23 पर जताया जा रहा शक, 171 शव बरामद
Feb 27, 2026 | 08:19 AMसुबह जल्दी उठना वाकई सफल बनाता है या सिर्फ थकाता है? जानिए क्या कहती है साइंस
Feb 27, 2026 | 08:15 AMवीडियो गैलरी

PM मोदी का इजराइल दौरा: एयरपोर्ट पर ‘केसरिया’ पर हुई दिलचस्प चर्चा, नेसेट में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
Feb 26, 2026 | 01:54 PM
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: ‘हिस्ट्रीशीटर’ शिकायतकर्ता और AI के खेल का पर्दाफाश! क्या ये साजिश है?
Feb 26, 2026 | 01:43 PM
वाराणसी मणिकर्णिका घाट पर मसान होली पर विवाद: डोम राजा परिवार ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
Feb 26, 2026 | 01:28 PM
आस्था के सागर में डूबा उज्जैन, 1.31 करोड़ के नोटों से सजा बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
Feb 26, 2026 | 12:42 PM
मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Feb 25, 2026 | 06:35 PM
टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM










