

Tanka Torani Benefits: भारत एक ऐसा देश है जहां खानपान के मामले में कई तरह की विविधता पाई जाती है। अगल-अलग राज्य और शहरों में कोई न कोई खास डिश जरूर पाई जाती है जो हर किसी के जुबान पर बसती है। उसी तरह ओडिशा की भी एक पारंपरिक ड्रिंक है जो न केवल प्यास बुझाने का काम करती है बल्कि भगवान जगन्नाथ के मंदिर में पवित्र महाप्रसाद के रुप में भी दी जाती है।
गर्मियों का मौसम है और ऐसे में लोग ज्यादातर एनर्जी ड्रिंक या सॉफ्ट ड्रिंक को पीना पसंद करते हैं। लेकिन आज हम आपको ओडिशा की फेमस पारंपरिक ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करेगा। दरअसल हम बात कर रहे हैं टंका तोरानी की।
टंका तोरानी का महत्व धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत अधिक है। पुरी के सुप्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में इसे महाप्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को परोसा जाता है। माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ को अर्पित किए गए पके हुए चावलों का उपयोग करके इसे तैयार किया जाता है जो इसे केवल एक ड्रिंक नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बना देता है।
टंका तोरानी को बनाने का तरीका जितनी सरल है उतनी ही वैज्ञानिक भी। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से एक दिन पुराने पके हुए चावलों का उपयोग किया जाता है।
बाजार में मिलने वाले प्रिजर्वेटिव्स और चीनी से भरे कोल्ड ड्रिंक्स के मुकाबले टंका तोरानी एक प्राकृतिक विकल्प है। यह न केवल सस्ता है बल्कि इसे घर पर आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनाया जा सकता है। ओडिशा के गांवों से लेकर अब शहरों के आधुनिक कैफे तक में इस पारंपरिक सुपरड्रिंक की मांग बढ़ रही है।
अगर आप इस गर्मी में कुछ ऐसा तलाश रहे हैं जो स्वाद में बेमिसाल हो और सेहत में लाजवाब तो टंका तोरानी को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।