

Music Therapy Benefits: आज की अनियमित दिनचर्या में तनाव और चिंता आम बात हो गई है। ऐसे में म्यूजिक थेरेपी एक सरल और प्रभावी इलाज बनकर उभरी है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार संगीत न केवल मन को शांत करता है बल्कि खुशी के हार्मोन बढ़ाकर डिप्रेशन जैसे खतरों को भी कम करता है।
आधुनिक जीवनशैली में काम का बढ़ता दबाव और भावनात्मक उथल-पुथल इंसान को मानसिक रूप से बीमार बना रही है। चिड़चिड़ापन, उदासी और घबराहट अब हर दूसरे व्यक्ति की समस्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल में मौजूद संगीत की धुनें एक बेहतरीन थेरेपी का काम कर सकती हैं।
जब हम संगीत सुनते हैं तो हमारे शरीर में कोर्टिसोल (तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर तेजी से गिरता है। इसके विपरीत मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे फील-गुड हार्मोन्स का स्राव बढ़ता है। यही कारण है कि पसंदीदा गीत सुनते ही मूड तुरंत बेहतर हो जाता है और नकारात्मक विचार कम होने लगते हैं।
म्यूजिक थेरेपी के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं है। आप रोजाना 15-20 मिनट क्लासिकल, इंस्ट्रुमेंटल, भजन या अपनी पसंद के सॉफ्ट गाने सुन सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संगीत हमेशा कम वॉल्यूम में सुनना चाहिए। जहां तक संभव हो ईयरफोन या हेडफोन के लंबे इस्तेमाल से बचें क्योंकि यह कानों पर बुरा असर डाल सकता है।
यदि तनाव का स्तर बहुत अधिक है तो किसी पेशेवर म्यूजिक थेरेपी विशेषज्ञ से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। आज ही अपने लिए थोड़ा समय निकालें और संगीत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।