
गुरू पूर्णिमा (सौ. सोशल मीडिया)
हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का महत्व बेहद खास होता है। जहां पर गुरू पूर्णिमा इस साल 2025 में 10 जुलाई को मनाई जाने वाली है। गुरू पूर्णिमा का दिन उन व्यक्तियों के लिए समर्पित होता है जो जीवन में आपके सच्चे मार्गदर्शक होते है। गुरू हमारे जीवन के सुख हो या दुख दोनों में बड़े ही सारथी की तरह साथ निभाते है। गुरू पूर्णिमा, खासकर दुनिया के समस्त गुरूओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। हमें बचपन से ही गुरूओं का सानिध्य मिला है।
पहले माता-पिता हमारे गुरू होते है तो बाद में पढ़ाई से लेकर नौकरी में हमारे कई गुरू, मेंटर हो जाते है जो हमारे लक्ष्य को पूर्ति करने मदद करते है। अगर आपके जीवन में भी ऐसे ही कई गुरू है जिनके प्रति आप सम्मान व्यक्त करना चाहते है स्पेशल फील कराना चाहते है तो आज हम आपको खास टिप्स के बारे में बता रहे हैं।
आपको हम कुछ टिप्स के बारे में जानकारी दे रहें है जिनके जरिए आप गुरू को खुश कर सकते है।
1.साफ मन से नमन करें :
आप गुरू पूर्णिमा के मौके पर अपने गुरू को सबसे पहले मिलकर श्रद्धापूर्वक नमन कर सकते है। यहां पर गुरू का ध्यान करते हुए आप सबसे पहले शिक्षाएं और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करें और उन्हें अपने जीवन में महत्वपूर्ण स्थान दें। ऐसा करने से आपके गुरू आपसे खुश हो जाएंगे और आशीर्वाद देंगे।
2. उनके शिक्षाओं को अमल में लाएं:
गुरू पूर्णिमा के मौके पर आप आपके गुरू के उपदेश या कथन जो आपके लक्ष्य प्राप्ति में मदद करते है उन्हें जीवन में शामिल करें।उनके उपदेशों को अपनाकर उन्हें यह दिखाएं कि आपने उनकी सीखों को समझा और मान्यता दी है।
3. उनके उपहार से प्यार व्यक्त करें:
यहां पर आप गुरू पूर्णिमा के मौके पर सबसे अच्छा तरीका उपहार देकर खुश कर सकते है। गुरु को उपहार देना उनकी महिमा को मान्यता दिखाता है, यह उन्हें आपके प्रति आपके प्रेम का एहसास कराता है।
4. समाज सेवा में योगदान करें:
आप गुरू के प्रति सम्मान तो जता सकते है साथ ही गुरु के अद्वितीय उपहार का सम्मान करने का एक अच्छा तरीका समाज सेवा में योगदान कर सकते है। आप उनकी महिमा को और भी बढ़ाते हैं और उनके शिक्षाओं को आगे बढ़ाते हैं।
5. आत्मनिर्भरता के लिए गुरु का मार्गदर्शन स्वीकार करें:
गुरू पूर्णिमा के मौके आप उनके मार्गदर्शन को जीवन में उतारें। यहां पर गुरु का मार्गदर्शन आपके आत्मनिर्भर बनने में मदद करता है, इस दिन पर उन्हें यह दिखाएं कि आपने उनकी सीखों से अपनी क्षमताओं को विकसित किया है।
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6. गुरु के साथ समय बिताएं:
अक्सर पढ़ाई होने के बाद नौकरी करने की वजह से हम अपने गुरूओं से मिल नहीं पाते है। इसके लिए कोशिश करें कि, गुरू के साथ समय बिताएं। गुरु के साथ समय बिताना उनके संग संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, उनसे उनके अनुभवों और ज्ञान के बारे में सीखें।






