Independence Day 2025: क्या होते है स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने और उतारने के नियम, जानिए

Rules of Flag Hosting: स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने का महत्व होता है। तिरंगे के महत्व को बताते हुए "हर घर तिरंगा" अभियान की शुरुआत हुई है। ध्वजारोहण करने और ध्वज उतारने के नियम होते है।
जानिए ध्वजारोहण के नियम
जानिए ध्वजारोहण के नियम (सौ. सोशल मीडिया)
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Rules of Flag Hosting: देशभर में 79वां स्वतंत्रता दिवस इस साल मनाया जा रहा है। आजादी के दिन लाल किले के साथ ही देशभर के स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तरों में ध्वजारोहण किया जाता है। यह पर्व धर्म, जाति के बंधनों को तोड़कर भारत के हर वर्गो द्वारा मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने का महत्व होता है। तिरंगे के महत्व को बताते हुए "हर घर तिरंगा" अभियान की शुरुआत हुई है।

इस अभियान के जरिए घरों और सार्वजनिक जगहों पर झंडा दिवस मनाया जाता है। झंडा फहराना हमारे देश में गर्व की बात होती है। कई लोगों को ध्वजारोहण फहराने और उतारने के नियम के बारे में जानकारी नहीं होती है। जानते है इन नियमों के बारे में...

तिरंगे को फहराने का नियम

स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के नियम के बारे में बता रहे है जिसे हर भारतीय जानना चाहिए..

  1. अशोक चक्र झंडे की बिल्कुल बीच में और सफेद पट्टी पर होना चाहिए और उसमें 24 तीलियां होनी चाहिए।
  2. झंडा फहराने से पहले चेक करें कि वह फटा हुआ या गंदा न हो।
  3. जब भी तिरंगे को फहराया जाये तो उसे सम्मानपूर्ण और उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।
  4. अगर झंडा किसी मंच पर फहराया जा रहा है तो ध्यान रखना है कि वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो और झंडा उसके दाहिनी ओर होना चाहिए।
  5. इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि झंडा हर किसी को उस जगह से दिखाई दे।
  6. तिरंगे के बगल में अगर किसी भी झंडे को लगाना है तो उसका स्थान तिरंगे के नीचे होना चाहिए।
  7. तिरंगा किसी भी प्रकार से जमीन को नहीं छूना चाहिए।

जानिए तिरंगा उतारने के नियम

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा उतारने के भी नियम है जिसके बारे में जानना चाहिए...

  1. सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज को क्षैतिज रूप से रखें।
  2. केसरिया और हरे रंग की पट्टियों को बीच की सफेद पट्टियों के नीचे मोड़ें।
  3. सफेद पट्टी को इस प्रकार से मोड़ें कि केसरिया और हरे रंग की पट्टियों के साथ केवल अशोक चक्र दिखाई दे।
  4. मोड़े हुए झंडे को हथेलियों या हाथों पर रखें और उसे सुरक्षित स्थान पर रख दें।

ध्वजारोहण करने के दौरान भारतीय ध्वज संहिता के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए। इन नियमों की अवहेलना करने से जुर्माना मिलता है। तिरंगा किसी प्रकार से नीचे जमीन को नहीं छूना चाहिए और न ही गिरना चाहिए। अगर झंडा फहारते समय या उतारते समय किसी भी प्रकार से कट-फट जाये हो तो उसे अकेले में ले जाकर नष्ट करना चाहिए। आज हम आपको भारतीय ध्वज संहिता के नियमों के बारे में भी जानना चाहिए।

जानिए क्या होते है भारतीय ध्वज संहिता के नियम

बताया जाता है कि, भारतीय ध्वज संहिता को 26 जनवरी 2002 को लागू किया गया। था। इसके अंतर्गत विभिन्न ऐसे नियमों को लागू किया गया जिससे किसी भी प्रकार से तिरंगे झंडे का अपमान न हो। इस नियम के अनुसार जिस भी झंडे का उपयोग ध्वजारोहण के लिए किया जा रहा है वो आयताकार होना चाहिए और उसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होगा। झंडे पर किसी भी प्रकार से कुछ भी लिखा हुआ नहीं होना चाहिए। अगर झंडा किसी भी प्रकार से क्षतिग्रस्त है और कटा-फटा है तो उसको उपयोग में नहीं लाना चाहिए।

हमें इन सभी नियमों का पालन अच्छी प्रकार से करना चाहिए क्योंकि देश की सुरक्षा का जिम्मा हर एक भारतीय का होता है।

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