छठ के पावन स्नान में रखें इन बातों का ध्यान, नहीं होगी स्किन में खुजली या एलर्जी की परेशानी
Chhath Puja Healthy Tips : यमुना और गंगा नदी जैसी नदियों में डुबकी लगाना सुरक्षित नहीं होता है। इसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने नदियों के पानी को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।
- Written By: दीपिका पाल
छठ पूजा (सौ.सोशल मीडिया)
Chhath Pooja 2025: उत्तरप्रदेश और बिहार राज्यों समेत देशभर में आज छठ पर्व की शुरुआत हो गई है। नहाय-खाय से शुरु हुए इस व्रत में तीन दिनों तक महिलाएं कठिन निर्जला व्रत रखती है। व्रत के दौरान नदी के घाटों पर पूजा की जाती है। नहाय खाय के दौरान पूजा का भोग तैयार किया जाता है तो वहीं पर नदियों में डुबकी लगाने का नियम होता है। व्रत की महिमा खास है लेकिन डुबकी के लिए स्वच्छ जल मिल पाना मुश्किल होता है।
यमुना और गंगा नदी जैसी नदियों में डुबकी लगाना सुरक्षित नहीं होता है। इसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने नदियों के पानी को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि कई नदियों का पानी काफी प्रदूषित है, जिससे स्किन और नसों को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसके लिए सावधानी बरतना जरूरी होता है।
नदी के पानी से स्किन को खतरा
इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट ने कहा कि, नदियों के पानी में मल-मूत्र यानी फीकल वेस्ट की मात्रा अपनी मात्रा से ज्यादा होती है। वहीं पर पानी में हेवी मेटल्स (भारी धातुएं) मौजूद हैं, जो शरीर के लिए खतरनाक हैं. ये दोनों चीजें मिलकर सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। नदी के खराब पानी में डुबकी लगाने से स्किन की समस्याएं खड़ी हो जाती है। इस पानी में बैक्टीरिया और गंदगी इतनी ज्यादा हैं कि ये स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं।इससे डर्मेटाइटिस जैसी बीमारी होने का खतरा है, जिससे स्किन पर लाल चकत्ते, खुजली और सूजन हो जाती है।
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इस समस्या में ज्यादा स्थिति बिगड़ने पर बच्चों और बड़ों को नुकसान हो सकता है। नदियों के पानी में मौजूद हेवी मेटल्स जैसे लेड, मरकरी और आर्सेनिक स्किन के जरिए शरीर में एंट्री कर सकते हैं. नहाते समय अगर थोड़ा-सा पानी मुंह में चला जाए तो ये मेटल्स शरीर में जमा होने लगते हैं। यह सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
डुबकी लगाने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
छठ पूजा में डुबकी लगाने के दौरान आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। नहीं तो आपकी स्किन और सेहत को खतरा ज्यादा होता है।
1- डुबकी लगाने के दौरान नदी के पानी को किसी भी हालत में न पिएं। यहां पर ध्यान रखें कि, अगर नदी का प्रदूषित पानी आपके मुंह के अंदर चला जाता है तो तुरंत कुल्ला करना चाहिए।
2- छठ पर्व में डुबकी लगाने के दौरान स्नान से पहले पूरे शरीर को तेल से मालिश करना चाहिए। यहां पर तेल से मालिश करने के लिए सरसों, नारियल या कोई भी प्राकृतिक तेल इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप डुबकी लगाने से पहले तेल लगाते है तो, तेल से स्किन पर एक परत बन जाती है, जो पानी को सीधे स्किन तक पहुंचने से रोकती है।
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3-डुबकी लगाने के बाद जितनी जल्दी हो सके, साफ पानी से नहाएं. साबुन या शैंपू का इस्तेमाल करें, ताकि स्किन पर मौजूद प्रदूषक पूरी तरह साफ हो जाएं।
4- डुबकी लगाने के बाद साफ-सफाई के लिए आप गर्म पानी का इस्तेमाल भी कर सकते है।
