Health Tips: हरी सब्जियां खाने का ये तरीका पहुंचा सकता है नुकसान! आज ही बदलें अपनी ये आदत

Green Vegetables Tips: हरी सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं लेकिन इन्हें गलत तरीके से खाने पर ये फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। ऐसे में इन्हें खाने से पहले कुछ बातें ध्यान रखें।
Mistakes While Eating Green Vegetables
हरी सब्जियां काटते हुए व्यक्ति (सौ. एआई)
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Green Vegetables Eating Mistakes: बचपन से ही हमें हमारे बुजुर्ग हरी सब्जियां खाने की सलाह देते आ रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन, विटामिन और फाइबर का खजाना होती हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वास्थ्यवर्धक मानी जाने वाली ये सब्जियां आपको बीमार भी कर सकती हैं।

आज के दौर में सैंडविच, सलाद और नूडल्स में कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल फैशन बन गया है। आयुर्वेद के अनुसार हरी सब्जियों को खाने का एक विशेष तरीका और समय होता है। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो ये पोषण देने के बजाय शरीर में दोष पैदा कर सकती हैं।

कच्ची सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियों को कभी भी कच्चा नहीं खाना चाहिए। खासकर पालक, शिमला मिर्च और पत्तागोभी जैसी सब्जियों में परजीवी टेपवर्म (फीताकृमि) होने की संभावना बहुत अधिक होती है। ये सूक्ष्म जीव पेट के रास्ते हमारे रक्त संचार में मिलकर मस्तिष्क तक पहुंच सकते हैं जो बेहद घातक साबित हो सकता है।

इसके अलावा कच्ची सब्जियों में वात की अधिकता होती है। जब हम इन्हें बिना पकाए खाते हैं तो ये पाचन तंत्र पर भारी पड़ती हैं और शरीर में वायु दोष बढ़ाती हैं। सब्जियों को उबालने और पकाने से इनमें मौजूद वात कम हो जाता है और ये सुपाच्य बन जाती हैं।

हरी सब्जियां (सौ. फ्रीपिक)
हरी सब्जियां (सौ. फ्रीपिक)

पकाने का सही तरीका

सब्जियों की पौष्टिकता बरकरार रखने के लिए आयुर्वेद एक खास प्रक्रिया का सुझाव देता है। सबसे पहले सब्जियों को अच्छे से धोकर उबालें। उबालने के बाद उनका अतिरिक्त पानी निचोड़ दें। अंत में उन्हें घी या तेल में हल्का भूनकर ही खाएं। घी या तेल का तड़का सब्जियों के रूखेपन को खत्म करता है और उन्हें पचाने में आसान बनाता है।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए सावधानी

उम्र के साथ शरीर में वात की अधिकता बढ़ने लगती है और पाचन शक्ति मंद पड़ जाती है। यही कारण है कि बुजुर्गों को हरी पत्तेदार सब्जियां सीमित मात्रा में ही लेनी चाहिए। बच्चों का पाचन तंत्र भी पूरी तरह विकसित नहीं होता इसलिए उन्हें भी बहुत अधिक हरी सब्जियां देने से बचना चाहिए।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए पत्तेदार सब्जियों के बजाय तोरई, टिंडा, लौकी, परवल और कुंदरू जैसे विकल्प कहीं अधिक सुरक्षित और पौष्टिक हैं। यदि बच्चे इन सब्जियों को खाने में आनाकानी करते हैं तो इन्हें आटे में गूंथकर पराठे के रूप में या अन्य रचनात्मक तरीकों से परोसा जा सकता है।

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