

Morning Rituals After 40: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। महिलाएं ज्यादा थका हुआ महसूस करती हैं और अमूमन कुछ रोग भी सताने लगते हैं। ऐसे में एक हेल्दी और सस्टेनेबल मॉर्निंग रूटीन को फॉलो करना जरूरी हो जाता है।
आप सिर्फ भोजन बनाने, खाने और अपना वर्क पूरा करने के लिए पूरा दिन खर्च कर देती हैं। सम्भव है कि आप किसी दिन एक्सरसाइज भी कर लेती होंगी, पर यह पर्याप्त नहीं है। स्वस्थ रहने के लिए आपको नियमित रूप से एक दिनचर्या को फॉलो करना होगा। यह आपको कई तरह की लॉन्ग टर्म बीमारियों से भी बचने में मदद करता है।
सुबह की दिनचर्या अच्छे मन के साथ-साथ अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। आपको पूरे दिन के लिए एनर्जेटिक बनाए रखती है, जिससे आपको अपना काम करने में मन लगता है। रूटीन फॉलो करने से आप सही दिशा में प्रयास कर पाते हैं। प्रोडक्टिव और स्किलफुल बने रहने के लिए बढ़िया दिनचर्या बनाना आवश्यक है। इसके लिए मॉर्निंग रूटीन में कुछ चीजों को जरूर शामिल करें।
सुबह उठते ही हल्का गुनगुना पानी पीना चाहिए। इससे पूरा शरीर एक्टिव होता है और शरीर में एनर्जी आती है। सुबह उठते ही पानी पीने से पाचन तंत्र सही रहता है। रात भर जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर शिथिल हो जाता है, लेकिन जब सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीते हैं, तो हमारा शरीर चार्ज हो जाता है।
सुबह उठकर 1-2 मिनट के लिए स्कल से लेकर पैरों तक टैपिंग की जा सकती है। स्कैल्प से शुरुआत करते हुए, अपनी छाती, अंडरआर्म्स, हाथों, पेट, जांघें और पूरे पैरों पर टैपिंग करने से बल्ड फ्लो अच्छा होता है। सिरदर्द से भी मुक्ति मिल जाएगी। थपथपाने से मस्तिष्क और शरीर को तनाव और नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही सेंट्रल नर्वस सिस्टम शांत और नियंत्रित होता है।
यदि आपके गाल पिचके हैं या फेस पर फैट है, तो दोनों स्थितियों में मददगार है बलून फेस। इसके लिए सिर्फ मुंह बंदकर दोनों गालों की तरफ से गुब्बारा फुलाना है। इससे फाइन लाइंस खत्म होती है। चीक प्लम्पी होते हैं। स्किन चमकदार होती है। इससे ख़ूबसूरती और सेहत दोनों मिलती है।
ऑयल पुलिंग थेरेपी ओरल हेल्थ बेहतर होता है। इससे मुंह में पनपने वाले बैक्टीरिया कम होते हैं। यह प्लाक और गम प्रॉब्लम को कम करती है। इसके अलावा, इससे टूथ डीके की संवेदनशीलता को कम करने में भी मदद कर सकती है। इस तरह से इससे ओरल हेल्थ इम्प्रूव होता है और कोलन कैंसर का रिस्क कम होता है। ऑयल पुलिंग हर सुबह खाली पेट की जानी चाहिए।
कंधों की मसाज को डेली रूटीन में शामिल करना चाहिए। इससे गर्दन और कंधों का दर्द घटता है। पाचन शक्ति बढ़ती है। इसके लिए कंधों के बगल में गर्दन के दोनों ओर की दो मांसपेशियों को हलके हाथ से प्रेस करते हुए ऊपर और नीचे ले जाएं। यह मुख्य रूप से गर्दन के पिछले हिस्से पर काम करता है। ऊपरी पीठ और कंधों को दबाएं।
एक बड़ी कटोरी में पानी के साथ थोड़ी बर्फ मिलाएं। फिर उसमें अपना पूरा चेहरा 20 से 30 सेकंड के लिए डुबोकर रखें। इससे सूजन में कमी आती है और पफीनेस कम होता है। ठंडा तापमान फेश टिश्यू में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। इससे स्किन भी साफ हो जाती है।
खाली पेट हर्बल टी पीने की कोशिश करें। इसमें अदरक की चाय, अजवाइन की चाय, दालचीनी की चाय व सौंफ की चाय पी जा सकती है। इससे पूरा शरीर डिटॉक्स होता है, मेंटल हेल्थ को मजबूती मिलती है।