

Healthy Ways to Eat Eggs: अंडा प्रोटीन से भरपूर हेल्दी फूड है, जिसे नाश्ते से लेकर रात के खाने तक कई तरीकों से खाया जाता है। कोई उबला अंडा खाना पसंद करता है, तो किसी को ऑमलेट या भुर्जी ज्यादा पसंद होती है।
हर साल अक्टूबर के दूसरे शुक्रवार को वर्ल्ड एग डे मनाया जाता है। आइए जानते हैं अंडे को किस फॉर्म में खाने से शरीर को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है और इसे खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
उबला अंडा उन लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा सोर्स है, अपने खाने में एक्स्ट्रा तेल या मक्खन ऐड नहीं करना चाहते हैं। इसे बनाने में तेल की जरूरत नहीं पड़ती और इसमें नमक की मात्रा भी अपने हिसाब से रखी जा सकती है।
एक बड़े उबले अंडे में लगभग 6-7 ग्राम प्रोटीन और 70-80 कैलोरी होती हैं। इसमें विटामिन बी12, सेलेनियम और कोलीन जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। कोलीन शरीर की कोशिकाओं और मस्तिष्क के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।
अंडे का ऑमलेट बनाने के लिए अंडे को फेंटकर तवे पर पकाया जाता है। इसमें प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और पालक जैसी सब्जियां मिलाने से भोजन में फाइबर, विटामिन और दूसरे पोषक तत्व भी शामिल हो जाते हैं।
हालांकि, ऑमलेट में इस्तेमाल होने वाला तेल, मक्खन, चीज और नमक उसकी कुल कैलोरी और फैट को बढ़ाता है। इसे अपने हिसाब से घटाया-बढञाया जा सकता है। जो लोग अंडे के साथ सब्जियां भी खाना चाहते हैं, उनके लिए सब्जियों वाला ऑमलेट अच्छा विकल्प है।
अंडे की भुर्जी भी प्रोटीन लेने का अच्छा तरीका है। इसे प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और मसालों के साथ बनाया जाता है। अगर इसमें सब्जियां पर्याप्त मात्रा में डाली जाएं और तेल सीमित रखा जाए, तो यह संतुलित भोजन बन सकती है।
लेकिन अगर भुर्जी बनाने में ज्यादा तेल, मक्खन या नमक इस्तेमाल किया जाता है, तो इसकी कैलोरी और फैट बढ़ सकती है, जो वजन बढ़ाने या बल्किंग करने वालों के लिए अच्छा हो सकता है।
तीनों तरीकों से अंडा खाने पर शरीर को गुड क्वालिटी प्रोटीन मिलता है। सही विकल्प इस बात पर निर्भर करता है कि अंडा कैसे बनाया गया है और उसके साथ क्या मिलाया गया है। अंडे को पकाने से उसके प्रोटीन की गुणवत्ता खत्म नहीं होती है। इसके अलावा, कच्चे या अधपके अंडे की तुलना में अच्छी तरह पका हुआ अंडा खाना अधिक सुरक्षित है।
1. अंडे को अच्छी तरह पकाएं: कच्चे या अधपके अंडे में हानिकारक बैक्टीरिया होने का जोखिम होता है। अंडे का सफेद और पीला हिस्सा अच्छी तरह पकने के बाद ही खाएं।
2. तेल की मात्रा सीमित रखें: ऑमलेट या भुर्जी बनाते समय बहुत ज्यादा तेल, मक्खन या चीज डालने से बचें।
3. सब्जियों के साथ खाएं: अंडे के साथ टमाटर, पालक, प्याज या दूसरी सब्जियां शामिल करने से भोजन में विविधता बढ़ती है।
4. सिर्फ सफेद नहीं, पूरे अंडे के पोषण को समझें: अंडे की जर्दी में कोलीन, विटामिन बी12 और दूसरे पोषक तत्व होते हैं।
5. मात्रा तय करें: अंडे की सही मात्रा उम्र, शारीरिक गतिविधि, कुल खानपान और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करती है। केवल ज्यादा अंडे खाने से मांसपेशियां नहीं बनतीं; इसके लिए पर्याप्त प्रोटीन, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद भी जरूरी हैं।
मसल गेन के लिए: अंडे में मौजूद प्रोटीन मसल बिल्डिंग और उनकी रिपेयरिंग में मदद करती है।
ब्रेन फंक्शनिंग के लिए: अंडे में पाया जाने वाला कोलीन मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है।
हड्डियों के लिए: अंडे में विटामिन डी और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व भी होते हैं। इनकी मात्रा अंडे के आकार और प्रकार के अनुसार बदलती है।