Hair Loss In Women: महिलाओं में बाल झड़ने के पीछे हो सकते हैं हार्मोनल चेंजेज, 5 बदलावों को समझें

Hormonal Hair Loss: बाल झड़ने की वजह सिर्फ हेयर केयर या मौसम नहीं होता। शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी बालों की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं। हार्मोन चेंजेज बालों के पतले होने की वजह हो सकते हैं।
Women hair loss hormonal causes 5 hormones.
हेयरफॉलफोटो.सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Hormones Causing Hair Fall: महिलाओं में बालों का झड़ना सिर्फ शैंपू, तेल या हेयर केयर रूटीन में गड़बड़ी के कारण ही नहीं होता है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी बालों की ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करते हैं। हार्मोन लेवल का बहुत कम या ज्यादा होने पर बालों का ग्रोथ फेज छोटा हो जाता है और बालों के झड़ने की समस्या बढ़ जाती है।

बालों की मांग चौड़ी होना, सिर के ऊपरी हिस्से से बाल कम होना या अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ना जैसे लक्षण शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकते हैं।

DHT और एंड्रोजन

टेस्टोस्टेरोन से बनने वाला डीएचटी बालों के फॉलिकल को छोटा कर देता है। महिलाओं में डीएचटी लेवल बढ़ने पर सिर के ऊपरी हिस्से और मांग के आसपास बाल पतले होने लगते हैं। इसे फीमेल पैटर्न हेयर लॉस कहा जाता है। पीसीओएस जैसी स्थिति में एंड्रोजन का स्तर बढ़ता है, जिससे कुछ महिलाओं में बाल झड़ने लगते हैं।

एस्ट्रोजन का कम होना

एस्ट्रोजन बालों के ग्रोथ फेज को बनाए रखने में मदद करता है। इसका स्तर कम होने पर ज्यादा बाल रेस्टिंग और शेडिंग फेज में जाने लगते हैं, जिससे बाल पतले नजर आते हैं। प्री या एक्चुअल मेनोपॉज के आसपास एस्ट्रोजन में होने वाला बदलाव भी बालों की मोटाई और ग्रोथ को प्रभावित करता है।

प्रोजेस्टेरोन में बदलाव

प्रोजेस्टेरोन भी बालों की सेहत और हार्मोनल बैलेंस से जुड़ा है। इसका स्तर कम होने पर टेस्टोस्टेरोन से DHT बनने की प्रक्रिया पर इनडायरेक्टली असर पड़ता है। इससे कई महिलाओं में हेयर थिनिंग की प्रॉब्लम होने लगता है। इसलिए हार्मोनल बदलाव के समय बालों में अचानक आए बदलाव को सिर्फ बाहरी हेयर केयर की समस्या समझकर ठीक नहीं किया जा सकता है।

कॉर्टिसोल और स्ट्रेस

लगातार फिजिकल या मेंटल स्ट्रेस रहने से कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ने लगता है। इसका असर बालों की ग्रोथ साइकिल पर पड़ता है और कुछ मामलों में टेलोजन एफ्लुवियम नाम की टेंपररी हेयर शेडिंग होती है। ज्यादातर स्थिति में ऐसा किसी बीमारी से जूझने के बाद होता है।

Women hair loss hormonal causes 5 hormones.
October Heatwave In India: अक्टूबर में बढ़ती गर्मी के बीच सेहत का रखें ख्याल, इन सावधानियों को न करें नजरअंदाज

थायरॉइड हार्मोन

थायरॉइड हार्मोन बालों के फॉलिकल के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। थायरॉइड हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा या कम होने पर बाल पतले, कमजोर और ज्यादा झड़ने लगते हैं। अगर बाल झड़ने के साथ थकान, वजन में बदलाव, ठंड ज्यादा लगना या दूसरे असामान्य लक्षण भी दिख रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें, सिर की मांग तेजी से चौड़ी हो, जगह-जगह पैच दिखने लगे या बाल झड़ने के साथ मुंहासे, चेहरे पर ज्यादा बाल या पीरियड्स में अनियमितता जैसी समस्या हो, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ या महिला रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com