

तनाव, स्क्रीन टाइम और अनियमित दिनचर्या नींद को प्रभावित कर सकते हैं।
नियमित सोने का समय, वॉक और सोने से पहले स्क्रीन ब्रेक मददगार होते हैं।
लगातार नींद न आने या दिनचर्या पर असर पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
Better Sleep Tips: रात में बिस्तर पर जाने के बाद भी देर तक नींद न आना, बार-बार आंख खुलना या सुबह उठने पर थकान महसूस होना कई लोगों की परेशानी है। कभी-कभी ऐसा तनाव, काम की चिंता या दिनचर्या में बदलाव के कारण होता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो इसका असर मूड, कॉन्संट्रेशन और रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ता है।
ऑफिस का काम, परिवार की जिम्मेदारियां, आर्थिक चिंता या किसी बात को लेकर बेचैनी दिमाग को शांत नहीं होने देती। ऐसे में शरीर आराम करना चाहता है, लेकिन विचार दिमार में लगातार चलते रहते हैं।
रोज अलग-अलग समय पर सोना, देर रात तक जागना या दिन में लंबी झपकी लेना रात की नींद को प्रभावित करता है।
सोने से ठीक पहले मोबाइल चलाना, वीडियो देखना या काम करना दिमाग को सक्रिय रखता है। स्क्रीन की रोशनी भी शरीर की नेचुरल सर्काडियन रिदम को डिस्टर्ब करती है।
शाम या रात में कैफीन लेने से कुछ लोगों को नींद पर बुरा असर पड़ता है। बहुत भारी भोजन या देर रात खाना भी असहजता पैदा कर सकता है।
दर्द, एसिडिटी, कुछ दवाएं, खर्राटों के साथ सांस रुकना या बेचैनी जैसी समस्याएं भी नींद को प्रभावित करती हैं।
1. सोने और उठने का समय तय करें। हर दिन, छुट्टी वाले दिन जैसे- इतवार को भी, लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। इससे शरीर की नींद और जागने की लय नियमित बनी रहती है।
2. सोने से पहले मोबाइल दूर रखें। सोने से करीब 30-60 मिनट पहले स्क्रीन से ब्रेक लें। इस समय हल्की किताब पढ़ना, धीमी रोशनी में बैठना या आराम से संगीत सुनना बेहतर धीरे-धीरे शरीर को रेस्टिंग मोड में ले जाता है।
3. दिमाग को शांत करने की कोशिश करें। अगर अगले दिन के कामों की चिंता परेशान कर रही है, तो उन्हें एक कागज पर लिख लें। कुछ मिनट धीमी सांस लेने का अभ्यास भी तनाव कम करने में मदद करता है।
4. कैफीन और दिन की झपकी पर ध्यान दें। दोपहर के बाद चाय-कॉफी कम कर दें, खासकर अगर आप इनके प्रति संवेदनशील हैं। दिन में झपकी लेनी हो, तो उसे छोटा रखें और देर शाम सोने से बचें।
5. दिन में शारीरिक गतिविधि रखें। नियमित वॉक या हल्की एक्सरसाइज नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद करती है। सुबह प्राकृतिक रोशनी में कुछ समय बिताना भी मेंटल हेल्थ के लिए उपयोगी है। सोने के पहले बहुत तेज एक्सरसाइज करना भी आपकी नींद में रूकावट डाल सकता है।
6. नींद न आए तो खुद पर दबाव न डालें। काफी देर तक बिस्तर पर करवटें बदलने के बजाय उठकर किसी शांत गतिविधि में लगें। जब नींद महसूस होने लगे, तब वापस बिस्तर पर जाएं। बार-बार घड़ी देखने से बचें।