सर्दियों में मामूली सिरदर्द भी बन सकता है माइग्रेन का कारण, हो जाएं सतर्क, इन उपायों से करें बचाव

Migraine Prevent Tips: हम सिरदर्द की समस्या से परेशान कभी ना कभी तो हो ही जाते है। माइग्रेन की समस्या में कभी ऐसा दर्द महसूस होता है कि, सिर के आधे हिस्से में हथौड़े की तरह लगे। जानते है बचाव।
माइग्रेन की समस्या
माइग्रेन की समस्या (सौ. सोशल मीडिया)
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Migraine Problem: सर्दियों का मौसम चल रहा है इस ठंडे मौसम में तापमान ठंडा हो जाता है। वहीं पर ठंडे तापमान में सेहत का ख्याल रखना जरूरी होता है तो वहीं पर कई स्वास्थ्य समस्याएं भी इस मौसम में देखने के लिए मिलती है। हम सिरदर्द की समस्या से परेशान कभी ना कभी तो हो ही जाते है। इस समस्या में कभी ऐसा दर्द महसूस होता है कि, सिर के आधे हिस्से में हथौड़े की तरह लगे। इस असहनीय सिरदर्द का कारण माइग्रेन हो सकता है। माइग्रेन कैसी समस्या है और क्या कारण इसके हो सकते है और बचाव के उपायों पर चलिए बात करते है।

क्या है माइग्रेन और इसके कारण

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज, लगातार दर्द होता है। यह घंटों से लेकर 2-3 दिन तक रह सकता है और इसके साथ उल्टी, चक्कर, रोशनी या आवाज से संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इस समस्या के कई कारण है जो इस समस्या को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। लंबे समय तक तनाव और मानसिक दबाव, नींद की कमी, खाने-पीने की अनियमितता या जंक फूड, हार्मोनल बदलाव (जैसे महिलाओं में पीरियड्स या गर्भावस्था), तेज रोशनी, मौसम और तापमान में अचानक बदलाव आदि माइग्रेन की समस्या को बढ़ाने का काम करता है।

क्या होते है इसके लक्षण

यहां पर माइग्रेन की समस्या के कई लक्षण भी हो सकते है। जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, उल्टी या जी मिचलाना, तेज आवाज या रोशनी से चिड़चिड़ापन, धुंधला दिखना, थकान और कमजोरी शामिल हैं। हालांकि, कुछ लोगों में साइलेंट माइग्रेन होता है, जिसमें सिरदर्द नहीं होता, लेकिन चक्कर या मतली जैसी समस्याएं दिखती हैं।

इन घरेलू उपायों से करें माइग्रेन का इलाज

इस माइग्रेन की समस्या में राहत देने के लिए कई घरेलू उपाय कारगर साबित हो सकते है। इनके जरिए आप सेहत का सही तरीके से ख्याल रख सकते है।

  • तुलसी और अदरक की चाय, पुदीने का तेल माथे या कनपटी पर लगाने से नसें शांत होती हैं।
  • सुबह खाली पेट आंवला और शहद लेने से दिमाग शांत रहता है।
  • ठंडी पट्टी माथे पर रखने से दर्द कम होता है।
  • शंखपुष्पी और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियां मानसिक तनाव घटाकर माइग्रेन की तीव्रता कम करती हैं।
  • इसके अलावा योग और प्राणायाम, जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और शीतली प्राणायाम भी बहुत लाभकारी हैं।
  • नींबू के छिलके पीसकर माथे पर लगाने से भी तुरंत राहत मिल सकती है।

सही और पर्याप्त नींद लें

माइग्रेन से बचाव के लिए सही से नींद लें, मसालेदार और तैलीय खाने से बचें, ज्यादा स्क्रीन पर समय न बिताएं, तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन करें और पानी खूब पिएं। ध्यान रखें कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव माइग्रेन का बड़ा कारण होते हैं और अगर परिवार में किसी को माइग्रेन है, तो संभावना बढ़ जाती है।

आईएएनएस के अनुसार

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