

Lack Of Sleep Affect Muscles Recovery: आजकल लोग अपनी सेहत के प्रति काफी जागरूक हो गए है। हर कोई जिम, योग, रनिंग, पिलाटे, वॉकिंग व स्पोर्ट्स जैसी एक्टिविटी में शामिल हो रहा है। लोग डाइट, सप्लीमेंट्स व हाइड्रेशन जैसी कई चीजों का ख्याल रख लेते है लेकिन जब बात नींद की होती है तो उसे इग्नोर किया जाता है।
जबकि नींद हमारे ओवर ऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। नींद मसल रिकवरी व ग्रोथ के लिए सप्लीमेंट्स से कहीं ज्यादा जरूरी है। यूं तो 8 घंटे की नींद सभी के लिए अति आवश्यक है, लेकिन यदि आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं, तो पके लिए नींद रामबाण का काम कर सकती है।
नींद की कमी होने पर हमारा शरीर ग्रोथ हॉर्मोन नहीं बना पाता है। जिससे ग्रोथ में रूकावट आती है। इससे मसल्स को रिपेयर होने में वक्त लगता है और शरीर में लंबे समय तक दर्द बना रहता है। नींद पूरी न होने पर कार्टिसोल लेवल हाई हो जाता है, ऐसे में आपने जितनी मेहनत से मसल बनाई है, वह उतनी ही तेजी से टूटने लगती है।
जब हम गहरी नींद में होते हैं, तो हमारा शरीर ग्रोथ हॉर्मोन रिलीज करता है, जो मसल्स रिपेयर और डेवलपमेंट के लिए काम करता है। यह हॉर्मोन मसल टिश्यू को रिबिल्ड करने में मदद करता है और नई मांसपेशियों के विकास को प्रोत्साहित करते हैं।
जब आप अच्छी नींद लेते हैं, तो आपका शरीर प्रोटीन सिंथेसिस करता है, जिससे नई मसल्स फाइबर की रिपेयरिंग और रीबिल्डिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। आसान भाषा में कहें, तो इससे डैमेज मसल टिश्यू रिपेयर होते है। पर्याप्त नींद न लेने से यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
पर्याप्त नींद लेने से शरीर में सूजन कम होती है और मसल्स में दर्द व अकड़न कम होती है। नींद से फोकस भी बढ़ता है और आप अगले दिन वर्कआउट के लिए अधिक तैयार रहते है।
कम नींद से वर्कआउट के दौरान चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से थका हुआ रहता है और हेवी वर्कआउट या ट्रेनिंग के दौरान कंट्रोल खोकर चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए चोट लगने के जोखिम को कम करने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। स्वस्थ शरीर को रोजाना 7-9 घंटे की नींद लेनी चाहिए।