पेट के फैट को कम करने में किसी एक्सरसाइज से कम नहीं वक्रासन, जानिए इसे करने का सही तरीका

Benefits of Vakrasan: यहां पर योग में वक्रासन को शामिल किया गया है। यह योगासन सरल और प्रभावी तरीका है जिसे किसी उम्र विशेष नहीं बल्कि हर उम्र के लोग कर सकते है।
जानिए वक्रासन करने के फायदे
जानिए वक्रासन करने के फायदे (सौ. सोशल मीडिया)
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Benefits of Vakrasana Yogasan: अनियमित जीवन शैली और खराब खानपान की वजह से अक्सर शरीर को नुकसान पहुंचता है। मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने के लिए हमें हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए। इसके लिए योग से बेहतर कोई तरीका नहीं है जो समस्या से राहत दें। योग न सिर्फ शरीर को मजबूती देने का काम करता है बल्कि मन को शांत और रोगों को लड़ने की ताकत देने का काम करता है। योग में वैसे तो कई आसन होते है लेकिन वक्रासन के फायदों के बारे में चलिए जान लेते है।

योग में शामिल होता है वक्रासन

यहां पर योग में वक्रासन को शामिल किया गया है। यह योगासन सरल और प्रभावी तरीका है जिसे किसी उम्र विशेष नहीं बल्कि हर उम्र के लोग कर सकते है।

पहले जानिए व्रकासन के बारे में

आयुष मंत्रालय के द्वारा वक्रासन को बेहतर बताया गया है।बताया गया है कि 'वक्र' शब्द का अर्थ घुमाव है। इस आसन में रीढ़ की हड्डी को घुमाया जाता है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा आती है। यह मेरुदंड में लचीलापन बढ़ाता है और साथ ही मधुमेह को भी नियंत्रित करता है। अगर आप हर दिन योग करते है तो सेहत को इसका फायदा आसानी से मिलता है।

रीढ़ की हड्डी को बनाता है फ्लेक्सिबल

यहां पर वक्रासन की बात की जाए तो, इसे 'ट्विस्टेड पोज' या 'हाफ स्पाइनल ट्विस्ट' भी कहते हैं, एक योगासन है जिसमें रीढ़ की हड्डी को फ्लैक्स किया जाता है। अगर हम इस योगासन को करते है पाचन, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। 'वक्रासन' को करने से पैंक्रियास सक्रिय रहता है और इंसुलिन हार्मोन बनाता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है। साथ ही, यह मन को शांत रखता है और दिन भर की थकान मिटाता है और मानसिक तनाव को कम करता है।

कैसे करें ये योगासन

इस वक्रासन को करने के लिए सबसे पहले आप दंडासन में सीधे बैठ जाएं। फिर, बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के पास रखें और दाएं हाथ को घुमाकर बाएं पैर के पास ले जाएं और बाएं हाथ को पीछे जमीन पर टिकाएं। फिर कमर, कंधे और गर्दन को धीरे-धीरे बाईं ओर मोड़ें और रीढ़ सीधे रखें और सामान्यता के साथ सांस लें और 30 सेकंड तक रखें। वहीं, दूसरी तरफ भी यही दोहराएं और रोजाना 5-10 मिनट तक अभ्यास करें।

आयुष मंत्रालय की सलाह है कि पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें। डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

आईएएनएस के अनुसार

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