घुटनों और कमर दर्द से मिलेगा छुटकारा! रोजाना करें ये 1 पोज, पहले दिन ही महसूस करेंगे फर्क

Knee Pain Relief Exercise: आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत के कारण घुटनों और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में योगासन बेस्ट उपाय है।
Bridge Pose For Knee And Lower Back Pain
ब्रिज पोज (सौ. एआई)
Published on: 
Updated on: 

Bridge Pose Benefits: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में थकान, जोड़ों का दर्द और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। यदि इन पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो शरीर रोगों का घर बन जाता है। नियमित रूप से सेतुबंधासन या ब्रिज पोज का अभ्यास इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है।

बढ़ती उम्र के शारीरिक बदलावों को रोकना हमारे हाथ में नहीं है लेकिन योग के माध्यम से उन्हें नियंत्रित करना मुमकिन है। जोड़ों में अकड़न, कमर दर्द और लगातार रहने वाली थकान आज की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। ऐसे में सेतुबंधासन जिसे अंग्रेजी में ब्रिज पोज भी कहा जाता है शरीर के लिए एक रीसेट बटन की तरह काम करता है।

इसके जादुई फायदे

आयुष मंत्रालय के अनुसार यह आसन न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उत्कृष्ट है। सेतुबंधासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ, कूल्हों व कंधों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। इसके अलावा यह थायरॉइड ग्रंथि को संतुलित करने और तनाव को कम करने में भी सहायक है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए यह एक अचूक उपाय माना गया है।

कैसे करें सेतुबंधासन?

  • इस आसन को करना बेहद सरल है जिसे घर पर ही योग मैट बिछाकर किया जा सकता है:
  • सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • अपने दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें (पैरों के बीच कूल्हों जितनी दूरी रखें)।
  • अपने हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें हथेलियां जमीन की ओर होनी चाहिए।
  • अब गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी कमर, नितंब और पीठ को ऊपर उठाएं। ध्यान रहे कि आपका सिर और गर्दन जमीन पर ही टिके रहें।
  • इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रुकें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस आ जाएं।

तनाव और महिलाओं के लिए लाभकारी

यह आसन केवल दर्द ही दूर नहीं करता बल्कि हल्के अवसाद और चिंता को कम करने में भी मददगार है। महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि यह मासिक धर्म की समस्याओं और मेनोपॉज के दौरान होने वाली दिक्कतों से राहत दिलाता है।

योग विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में इसे 10-15 सेकंड ही करें धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ने पर समय बढ़ाएं। इसके साथ ही एक पौष्टिक और नियमित आहार लेना भी अत्यंत आवश्यक है। हालांकि शुरुआती दिनों में शरीर में थोड़ी कठिनाई हो सकती है लेकिन निरंतर अभ्यास से शरीर खुलने लगेगा और आपको एक नई स्फूर्ति का अनुभव होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com