Childhood Obesity: हो जाएं खबरदार! बच्चे के बढ़ते वजन पर आपका मजाक बन सकता है उसका ट्रॉमा

Obesity In Children Causes: आजकल बच्चों में बढ़ता मोटापा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जिसके पीछे गलत खानपान, ज्यादा स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं।
Childhood Obesity And Emotional Impact
बढ़ते वजन से परेशान बच्चे और मां बाप (सौ. एआई)
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Child Weight Gain Issues: अक्सर माता-पिता और रिश्तेदार बच्चों को मोटा या आलसी कहकर हंसी-मजाक करते हैं लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह अनचाहा मजाक बच्चे के लिए मेंटल ट्रॉमा बन सकता है। चाइल्डहुड ओबेसिटी (Childhood Obesity) से जूझ रहा बच्चा केवल वजन से नहीं बल्कि समाज के तानों और अपने गिरते आत्मविश्वास से भी लड़ रहा होता है।

हम बड़े अक्सर बिना सोचे-समझे बच्चों के लिए छोटा हाथी या गोलू-मोलू जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। हमें लगता है कि यह प्यार है लेकिन बच्चे के लिए यह उसकी पहचान बन जाती है। जब एक बच्चे को बार-बार उसके शरीर की बनावट के लिए टोका जाता है तो वह खुद को दूसरों से कमतर समझने लगता है। स्कूल में दोस्तों का चिढ़ाना और खेल के मैदान में सबसे आखिरी में चुना जाना उसके कोमल मन पर गहरी चोट करता है।

आत्मविश्वास का टूटना और एकांतवास

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चे अपने बारे में वही राय बना लेते हैं जो वे बार-बार सुनते हैं। अगर किसी बच्चे को लगातार सुस्त या मोटा कहा जाए तो वह धीरे-धीरे खुद को वैसा ही मानने लगता है। इसका परिणाम यह होता है कि बच्चा सामाजिक समारोहों से दूरी बनाने लगता है कम बोलता है और अकेले रहना पसंद करने लगता है। यह स्थिति आगे चलकर गंभीर एंग्जायटी और डिप्रेशन का रूप ले सकती है।

ताने नहीं साथ की है जरूरत

मोटापे के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं जैसे जेनेटिक्स, हार्मोनल असंतुलन, गलत खान-पान या शारीरिक गतिविधियों की कमी। लेकिन इसका समाधान उसे शर्मिंदा करना कतई नहीं है। ताने देने से बच्चा तनाव में ज्यादा खाने लगता है जिससे वजन घटने के बजाय और बढ़ जाता है।

अभिभावक क्या करें?

सकारात्मक भाषा: बच्चे के वजन के बजाय उसकी सेहत पर बात करें। उसे मोटा कहने के बजाय स्वस्थ बनने के लिए प्रेरित करें।

बदलाव की शुरुआत खुद से: बच्चे को अकेले डाइट पर न डालें बल्कि पूरे परिवार की लाइफस्टाइल बदलें। साथ में सैर पर जाएं या खेलें।

तुलना बंद करें: कभी भी अपने बच्चे की तुलना किसी फिट या दुबले बच्चे से न करें। हर बच्चे की शारीरिक संरचना अलग होती है।

छोटे लक्ष्य: उसे छोटे-छोटे शारीरिक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करें और उसकी हर छोटी जीत पर उसकी तारीफ करें ताकि उसका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आ सके।

बच्चे को आपकी आलोचना की नहीं आपके समर्थन की जरूरत है। याद रखें शरीर का वजन कम किया जा सकता है लेकिन बचपन में मिला मानसिक घाव पूरी जिंदगी का पीछा कर सकता है।

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