

Hartalika Teej Sargi Tips: हरतालिका तीज पर कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं यानी पूरे दिन खाना और पानी वर्जित होता है। इसके पीछे उद्येश्य पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि होती है। इस व्रत में पूरे दिन अन्न के साथ पानी भी नहीं लिया जाता। धार्मिक रूप से यह कठिन संकल्प है और साथ ही पूरे दिन पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है।
इसलिए अगर आप निर्जला व्रत रखने वाली हैं, तो व्रत शुरू होने से पहले की सरगी को सिर्फ पेट भरने का समय न समझें। इस दौरान पूरे दिन के हिसाब से खाएं और पिएं।
व्रत शुरू होने से पहले शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सरगी के समय एक साथ कई गिलास पानी पी जाएं। सरगी के लिए सूर्योदय से पहले उठकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना शुरु कर दें। हालांकि एक साथ बहुत सारा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है। हाइड्रेशन एक दिन पहले से ही शुरू कर दें, आखिरी 10 मिनट की तैयारी न करें।
अगर आपकी व्रत परंपरा में सरगी के दौरान ये चीजें लेना उचित है, तो नारियल पानी, संतरा, तरबूज, खरबूजा या खीरा जैसे पानी से भरपूर फल लिए जा सकते हैं। नारियल पानी में कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स भी होते हैं, जो आपको लंबे समय तक हाइड्रेट रखेंगे। व्रत के एक दिन पहले आप पूरे दिन ग्लूकोज वॉटर ले सकती हैं।
कई बार सुबह जल्दी उठकर महिलाएं सोचती हैं कि दिनभर कुछ नहीं खाना है, इसलिए सरगी में पूरी-सब्जी, मिठाई, नमकीन और दूसरी भारी चीजें ज्यादा खा लें। यही गलती बाद में ब्लोटिंग, गैस, एसिडिटी या सुस्ती जैसी समस्या पैदा कर सकती है। सरगी में सिर्फ मात्रा बढ़ाने के बजाय संतुलित खाना रखें। कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फल और पर्याप्त तरल लेना बेहतर है।
मिठाई, फल या मीठी चीजें सरगी का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन सिर्फ चीनी वाली चीजों के भरोसे पूरा दिन निकालना सही नहीं है। ऐसा खाना चुनें जो आपको कुछ समय तक पेट भरा रखने में मदद करे। दही, दूध, पनीर, सूखे मेवे, फल या आपकी रोज की डाइट में शामिल कोई हल्का प्रोटीन भी लिया जाना चाहिए।
अगर आपको सुबह चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो सरगी में इसे लेकर भी थोड़ा ध्यान रखें। बहुत ज्यादा कैफीन लेने से कुछ लोगों में बार-बार पेशाब आने या पेट में परेशानी हो सकती है।
निर्जला व्रत के दौरान शरीर को पानी और भोजन नहीं मिल रहा होता, ऐसे में शरीर में एनर्जी की कमी होती है। ऐसे में तेज एक्सरसाइज, लंबे समय तक धूप में रहना, बहुत ज्यादा घरेलू काम या बेवजह भागदौड़ करने से थकान और चक्कर आ सकते हैं। पूजा की तैयारी जरूरी है, लेकिन जहां संभव हो काम पहले निपटा लें और व्रत वाले दिन आराम के लिए भी समय रखें।
प्यास लगना, मुंह सूखना, बहुत कम पेशाब आना, पेशाब का रंग बहुत गहरा होना, थकान, सिरदर्द और चक्कर डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। अगर चक्कर बहुत ज्यादा हो, बेहोशी आए, भ्रम की स्थिति बने या कमजोरी तेजी से बढ़ रही हो, तो इसे सिर्फ व्रत का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज न करें।
अगर आपको डायबिटीज, किडनी या हृदय से जुड़ी बीमारी है, आप गर्भवती हैं या ऐसी दवाएं लेती हैं जिनका खाना-पानी से संबंध है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
व्रत से पहले दिनभर पर्याप्त पानी लें।
सरगी में एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं।
पानी वाले फल और लिक्विड को शामिल करें।
बहुत तला-भुना और भारी खाना कम रखें।
सिर्फ मिठाई या मीठी चीजों पर निर्भर न रहें।
व्रत वाले दिन फिजिकल एक्टिविटी से बचें।
चक्कर या बहुत ज्यादा कमजोरी को नजरअंदाज न करें।