बारिश में आप भी हो जाते है बालों के झड़ने की समस्या से परेशान, इन आयुर्वेदिक उपायों से पाएं राहत
Hair care Tips in Hindi: बारिश के मौसम में अगर आप भी इस तरह से बालों के झड़ने की समस्या से पीड़ित है तो आज हम आपको कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में बताएंगे जो कारगर साबित हो सकते है।
- Written By: दीपिका पाल
बालों के लिए आयुर्वेदिक उपाय (सौ. सोशल मीडिया)
Hair care Tips: बारिश का मौसम चल रहा है इस मौसम में अक्सर पानी से स्किन से लेकर बालों को नुकसान पहुंचता है। बारिश में भीगने और नमी, उमस और बदलते वातावरण में बदलाव के कारण बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है। बालों के झड़ने से आजकल हर कोई परेशान ही रहता है। इस समस्या के लिए कई लोग महंगे प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करते है लेकिन समस्या सही होने की बजाय नुकसानदायक साबित होती है। अगर आप भी इस तरह से बालों के झड़ने की समस्या से पीड़ित है तो आज हम आपको कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में बताएंगे जो कारगर साबित हो सकते है।
किन वजहों से झड़ते है बाल
यहां पर बालों के झड़ने की समस्या को लेकर चरक संहिता में उल्लेख किया गया है। बरसात में बाल झड़ने का प्रमुख कारण शरीर में ‘दोषों’ का असंतुलन माना जाता है। खास तौर पर पित्त दोष का बिगड़ना और पाचन अग्नि का कमजोर होना बालों को प्रभावित करता है। इससे शरीर में नमी बढ़ती है और पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। इसके अलावा हवा में मौजूद नमी बालों को सोख लेती है, जिससे वे रूखे, बेजान और भंगुर हो जाते हैं। नतीजतन, बालों में टूटने और झड़ने की समस्या बढ़ जाती है।
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सुश्रुत संहिता के अनुसार, बरसात में वात दोष का प्रभाव बढ़ता है, जो दूषित पित्त के साथ मिलकर रोमकूपों (हेयर फॉलिकल्स) को कमजोर करता है। इससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, बारिश के पानी में मौजूद अशुद्धियां और प्रदूषण स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे खुजली, डैंड्रफ और बालों का झड़ना बढ़ता है।
बालों के लिए दही का इस्तेमाल
आप बालों के झड़ने की समस्या से परेशान है तो, दही का इस्तेमाल कर सकते है। यह पेट के साथ बालों के लिए भी लाभकारी है। इसमें लैक्टिक एसिड और प्रोबायोटिक बैक्टीरिया भरपूर मात्रा में होते हैं, जो स्कैल्प की डैमेज सेल्स को हटाकर, बालों को प्राकृतिक रूप से कंडीशन करते हैं। साइंस के अनुसार, दही के लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया स्कैल्प माइक्रोबायोटा को बैलेंस करने में मदद करते हैं, जिससे डैंड्रफ, खुजली और इंफेक्शन में राहत मिलती है। इसके साथ ही दही में मौजूद प्रोटीन बालों को मजबूती देता है और उनमें चमक लाता है।
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बालों की करें मालिश
आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बालों की देखभाल के लिए तैलीय मालिश, हर्बल शैंपू और संतुलित आहार जरूरी है। नारियल तेल, आंवला, शिकाकाई और ब्राह्मी जैसे प्राकृतिक तत्व बालों को पोषण देकर उनकी जड़ों को मजबूत करते हैं। इसके साथ ही, तनाव कम करने और पर्याप्त नींद लेने से भी बालों की सेहत में सुधार होता है।बारिश के मौसम में बालों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित देखभाल और आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं। इससे न केवल बालों का झड़ना रुकेगा, बल्कि वे चमकदार और मजबूत भी बनेंगे।
आईएएनएस के अनुसार
