Gen-Z तो कतई शरीफ निकले! नई रिपोर्ट में हुआ ऐसा खुलासा, जानकर नहीं कर पाएंगे भरोसा
Global Report on Alcohol Habits 2025: एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार जेनरेशन जेड यानी Gen Z के युवा शराब से दूरी बना रहे हैं. करीब 36 प्रतिशत Gen Z युवाओं ने कभी शराब नहीं पी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सांकेतिक तस्वीर (AI)
Gen Z Chooses Health Over Alcohol: शराब पीना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, और हेल्थ एक्सपर्ट्स सभी लोगों को शराब न पीने की सलाह देते हैं। इसके बावजूद, दुनिया भर में करोड़ों लोग शराब पीते हैं, और यह अक्सर सेलिब्रेशन का हिस्सा बन गया है। हालांकि, एक हालिया रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जो दिखाता है कि दुनिया भर के युवाओं में शराब से दूरी बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जेनरेशन जेड (1997 से 2012 के बीच जन्मे) में यह बदलाव सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, कानूनी तौर पर शराब पीने की उम्र वाले 36 प्रतिशत युवाओं ने कभी भी शराब नहीं पी है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता है। 87 प्रतिशत युवाओं ने बताया कि वे शराब नहीं पीते, क्योंकि वे अपना स्वास्थ्य बनाए रखना चाहते हैं और भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करना चाहते हैं। 30 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे पैसे बचाने के लिए शराब से दूर रहते हैं, जबकि 25 प्रतिशत लोग बेहतर नींद के लिए शराब से परहेज करते हैं।
रिपोर्ट में एक नया ट्रेंड ‘जेबरा स्ट्रिपिंग’ का भी जिक्र किया गया है, जिसमें लोग पार्टी या सामाजिक अवसरों पर अल्कोहल और नॉन-अल्कोहल ड्रिंक का मिश्रण पीते हैं। इस तरीके से वे शराब की मात्रा कम करने और संयम बनाए रखने में मदद पाते हैं।
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शराब पीने की आदत में कमी
नियमित रूप से शराब पीने वालों की संख्या में भी गिरावट आ रही है। 2025 तक केवल 17 प्रतिशत लोग हफ्ते में शराब पीते हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 23 प्रतिशत था। इसके अलावा, जो लोग कभी-कभी शराब पीते हैं, उनमें से 53 प्रतिशत अब अपनी शराब की खपत को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह संख्या पांच साल पहले सिर्फ 44 प्रतिशत थी। इसके अलावा, जिन लोगों ने कभी शराब नहीं पी, उनकी संख्या 2020 के बाद 3 प्रतिशत बढ़ी है।
भारत में बढ़ती शराब खपत
हालांकि, वैश्विक स्तर पर शराब की बिक्री में कमी आई है, लेकिन भारत में शराब की खपत तेजी से बढ़ रही है। 2024 में, दुनिया भर में शराब की कुल खपत 253 बिलियन लीटर तक पहुंच गई है, और भारत में शराब की खपत 2024 से 2029 के बीच 357 मिलियन लीटर बढ़ने की संभावना है। इसके चलते भारत दुनिया में तेजी से बढ़ते शराब बाजारों में से एक बनता जा रहा है।
नॉन-अल्कोहल स्पिरिट्स की बढ़ती मांग
यह बदलाव वैश्विक प्रवृत्ति के विपरीत है, जहां युवा वर्ग शराब से दूर हो रहे हैं। रिपोर्ट ने नॉन-अल्कोहल स्पिरिट्स की बढ़ती मांग पर भी प्रकाश डाला है। शराब की बिक्री में केवल 0.6 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, और इसका कुल बाजार मूल्य 1.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, वहीं नॉन-अल्कोहल स्पिरिट्स की बिक्री 17 प्रतिशत बढ़ी।
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इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण नई पीढ़ी शराब से दूरी बना रही है, जबकि शराब की बिक्री के आंकड़े कई जगहों पर अभी भी बड़े स्तर पर बने हुए हैं, खासकर भारत जैसे देशों में।
