

Fasting Workout Tips: सावन के साथ ही व्रत-त्योहारों की शुरुआत हो जाती है। कई त्योहार ऐसे होते हैं, जिनमें पूरे दिन का उपवास होता है। जन्माष्टमी, नवरात्रि, एकादशी और अन्य धार्मिक व्रतों के दौरान कई लोग अपनी फिटनेस रूटीन को लेकर असमंजस में रहते हैं। सवाल यह होता है कि क्या उपवास के दौरान जिम जाना सुरक्षित है या नहीं?
इस संबंध में एक्सपर्ट्स का कहना है कि व्रत के समय शरीर की ऊर्जा सामान्य दिनों से अलग होती है। इसलिए इस दौरान एक्सरसाइज पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसकी इंटेंसिटी और समय में बदलाव करना अधिक जरूरी है।
हां, यदि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं और लंबे समय से नियमित वर्कआउट करते हैं, तो व्रत के दौरान भी हल्की या मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज की जा सकती है। हालांकि, यदि कमजोरी, चक्कर, लो ब्लड प्रेशर या किसी बीमारी की समस्या है, तो पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उपवास के दौरान शरीर पर अधिक दबाव डालने वाली एक्सरसाइज से बचना चाहिए। इसके बदले आप इन एक्टिविटी को कर सकते हैं-
तेज वॉक या हल्की वॉक
योग और प्राणायाम
स्ट्रेचिंग
मोबिलिटी एक्सरसाइज
हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (कम वेट और कम सेट)
बहुत भारी वेट लिफ्टिंग
हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT)
लंबी अवधि की कार्डियो
अत्यधिक पसीना निकलने वाली एक्सरसाइज
फेलियर तक ट्रेनिंग
यदि आप उपवास के दौरान फलाहारी या व्रत वाले भोजन कर रहे हैं, तो आप भोजन करने के 1-2 घंटे बाद वर्कआउट कर सकते हैं, लेकिन यदि शाम को व्रत खोलते हैं, तो भोजन के बाद हल्का वर्कआउट बेहतर विकल्प हो सकता है। वर्कआउट के पहले केले या कोई फ्रूट ले सकते हैं और पोस्ट वर्कआउट के तौर पर दूध, ड्राईफ्रूट्स या शकरकंद खा सकते हैं।
अगर आपका व्रत अनुमति देता है, तो नारियल पानी, दूध, दही, मखाना, मूंगफली, बादाम या अखरोट, फल, साबूदाना और सिंघाड़े के आटे से बना भोजन खा सकते हैं। इनसे शरीर को ऊर्जा मिलती है और मसल्स को भी जरूरी पोषण मिलता है।
व्रत के दौरान डिहाइड्रेशन जल्दी हो सकता है। यदि आपने फलाहारी व्रत रखा है, तो पूरे दिन किसी न किसी तरीके से पानी पीते रहें, जैसे- दूध, मीठा छाछ, जूस, पानी व नारियल पानी आदि पीते रहें।
यदि वर्कआउट के दौरान आपको चक्कर, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द होना और सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत एक्सरसाइज बंद करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक उपवास का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि शरीर और मन का संतुलन भी है। ऐसे में व्रत के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार हल्का व्यायाम, पर्याप्त आराम, संतुलित फलाहार और सही हाइड्रेशन अपनाकर आप अपनी फिटनेस और आस्था, दोनों का एक साथ ध्यान रख सकते हैं।