‘धूप का विटामिन’ कहा जाता हैं विटामिन D, क्या सच में सनस्क्रीन लगाने के कम होता है विटामिन
भलें ही धूप से विटामिन डी की पूर्ति होती है यह विटामिन हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है और हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन चेहरे के लिए ज्यादा धूप में रहना भी अच्छा नहीं होता है।
- Written By: दीपिका पाल
सनस्क्रीन लगाने से क्या कम होता है विटामिन डी (सौ. डिजाइन फोटो)
गर्मी के मौसम में जून का महीना अब शुरू हो गया है। इस महीने में गर्मी कहीं पर चरम पर होती है तो कुछ हिस्सों में बारिश की दस्तक होने लगती है। ऐसे बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। शरीर को सभी विटामिन्स और मिनरल्स की आवश्यकता होती है इसमें ही विटामिन डी सबसे पावरफुल विटामिन होता है। इसे ‘धूप का विटामिन’ भी कहा जाता है तो वहीं पर सूरज की रोशनी से शरीर को फायदा मिलता है।
भलें ही धूप से विटामिन डी की पूर्ति होती है यह विटामिन हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है और हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन चेहरे के लिए ज्यादा धूप में रहना भी अच्छा नहीं होता है। सनस्क्रीन,भीषण गर्मी से चेहरे को बचाकर रखती है नहीं तो आपका चेहरा झुलस सकता है।
सूरज से मिलता है शरीर को विटामिन डी
आपको बताते चलें कि, सूर्य की रोशनी से शरीर को विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलता है। कहा जाता है कि, यूवीबी किरणें (पैराबैंगनी बी किरणें), हमारी स्किन पर पड़ती हैं, तो हमारा शरीर खुद ही विटामिन डी बनाना शुरू कर देता है। जहां पर ज्यादा धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाते है तो इसका फायदा पूरा नहीं मिलता है। सूरज की किरणों को हमारी स्किन तक पहुंचने से रोकता है, तो शायद हमारा शरीर विटामिन डी नहीं बना पाएगा।
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सनस्क्रीन क्यों नहीं बनने देता है विटामिन डी
आपको बताते चलें कि, सनस्क्रीन का इस्तेमाल हम चेहरे और शरीर के सभी अंगों को धूप से बचाने के लिए करते है। अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा SPF वाला सनस्क्रीन सही तरीके से और हर बॉडी पार्ट पर अच्छी तरह लगाए तो सूरज की UVB किरणों को रोकने के लिए कवच की तरह काम करता है। वैसे चेहरे पर अमूमन सन स्क्रीन लगाई जाती है शरीर के बाकी अंगों पर कम ही। चेहरे पर भी बहुत पतली लेयर लगाते हैं. इसी वजह से थोड़ी बहुत UVB किरणें सनस्क्रीन लगाने के बाद भी स्किन तक पहुंच जाती हैं और विटामिन डी बनता रहता है।
इसे लेकर एक स्टडी भी कहती है कि, भले ही लोग हाई SPF सनस्क्रीन लगाते हैं, फिर भी उनके शरीर में जरूरी विटामिन डी बनता रहता है. मतलब ये कि सनस्क्रीन सूरज की किरणों को थोड़ा रोकते जरूर हैं, लेकिन विटामिन डी बनना पूरी तरह बंद नहीं करते हैं।
जानिए कब लेना चाहिए विटामिन डी
शरीर की हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन डी को लेना जरूरी होता। आप विटामिन की पूर्ति करने के लिए सुबह के समय में रोजाना थोड़ा समय (करीब 10 से 15 मिनट) सुबह की हल्की धूप में बिना सनस्क्रीन लगाए बिताएं। सूरज की गर्मी ज्यादा तेज हो जाए तो चेहरे पर सनस्क्रीन की पतली लेयर लगा लें ताकि धूप से बचा जा सके।सूरज की रोशनी के अलावा आप अपने खानपान में कुछ फूड्स जोड़कर भी विटामिन डी ले सकते हैं. अंडे, फैटी फिश (जैसे सैल्मन), दूध और अनाज जैसे कुछ फूड्स में विटामिन डी पाया जाता है।
