हाई बीपी से छुटकारा दिलाने में बेहद कारगर हैं DASH डाइट, जानिए कैसी होगी तैयार
हाईबीपी की समस्या के लिए आज हम आपको एक खास प्रकार की डाइट यानि DASH या डैश डाइट (डाइटरी एप्रोच टू स्टाॅप हाइपरटेंशन) को फॉलो कर सकते है जो सेहत हाईबीपी को कंट्रोल करती है।
- Written By: दीपिका पाल
हाई बीपी के लिए डाइट (सौ. डिजाइन फोटो)
आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर हम अपनी सेहत को नजरअंदाज करते जाते है जहां पर इसके प्रति सजग नहीं रहते है। मशीन जैसी जिंदगी में अनुचित खानपान और एक्सरसाइज की कमी से कई गंभीर बीमारियां घर कर लेती है जिसका पता नहीं होता है। स्ट्रेस, हाईबीपी की समस्या इसमें सबसे आम समस्या है जो सेहत पर धीरे-धीरे बुरा असर डालती है।
हाइपर टेंशन या हाई बीपी की समस्या में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है इसके लिए डाइट में बदलाव करना और भरपूर नींद लेना जरूरी होता है। हाईबीपी की समस्या के लिए आज हम आपको एक खास प्रकार की डाइट यानि DASH या डैश डाइट (डाइटरी एप्रोच टू स्टाॅप हाइपरटेंशन) को फॉलो कर सकते है जो सेहत हाईबीपी को कंट्रोल करती है।
जानिए कैसी है डैश डाइट
यहां पर डीएएसच या डैश डाइट (डाइटरी एप्रोच टू स्टाॅप हाइपरटेंशन) की बात की जाए तो, यह डाइट केवल हाइपरटेंशन की समस्या को कंट्रोल करने के लिए बनाई गई है। यहां पर डैश डाइट की बात करें तो, जब हम कुछ खाते हैं तो इसका असर शरीर पर पड़ता है यह ब्लड प्रेशर के लेवल को कंट्रोल करने का काम करता है। इस डाइट में नमक या सोडियम की मात्रा को कम किया जाता है जो हाईबीपी के लिए जिम्मेदार होता है।
सम्बंधित ख़बरें
Sudden Weight Gain: बिना ज्यादा खाए भी बढ़ रहा है वजन? ये कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
Airport Look Of Kangana Ranaut: साड़ी में कंगना रनौत के एलीगेंट एयरपोर्ट लुक्स, आप भी लें स्टाइलिंग इंस्पिरेशन
क्या सचमुच खाली पेट केला बन सकता है सेहत का दुश्मन? जानिए वो बातें जो शायद आपको आज तक किसी ने नहीं बताईं
Monsoon Songs Playlist: बारिश, कॉफी और रोमांटिक गाने, सुकून के लिए बेस्ट बॉलीवुड सॉन्ग की लिस्ट
डैश डाइट, हाईबीपी के मरीजों के लिए तैयार की गई है। यह डाइट का टारगेट होता है कि, शरीर में एक दिन में करीब 1500 मिलीग्राम सोडियम की खपत को कम किया जा सकता है। इसके अलावा सोडियम तीन चम्मच नमक के बराबर होता है।
जानिए इस डाइट से शरीर को क्या मिलेगा फायदा
आपको बताते चलें कि, जब हाई बीपी के मरीज इस तरह की डाइट लेते है तो इसका फायदा शरीर को होता है। डैश डाइट में सोडियम की मात्रा कम होने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है बढ़ता नहीं है। सोडियम की कमी करने के साथ ही आप अपनी डाइट में डेयरी प्रॉडक्ट्स को शामिल कर सकते है। इन डेयरी प्रॉडक्ट्स में डाइट में लिया जाता है जिसमें फैट कम होता है। सोडियम और कम फैट की चीजें खाने से हाईबीपी की समस्या बढ़ती नहीं है।
जानिए कैसे तैयार होती है DASH डाइट
यहां पर हाई बीपी वालों की डाइट यानि DASH डाइट की बात करें तो, इसमें नमक और फैट बढ़ाने वाली चीजों को छोड़कर बाकी सभी प्लांट बेस्ड और एनिमल फूड्स का सेवन किया जाता है। जैसे फल, सब्जी, साबुत अनाज, सूखे मेवे, दही, पनीर, मछली, चिकन आदि चीजों को डाइट में शामिल कर सकते है। इस डाइट को बनाने के लिए उम्र, बीमारी का स्तर, हाइट और वेट आदि को ध्यान में रखा जाता है। इस डाइट प्लान को एक्सपर्ट की सलाह और देखरेख में तैयार किया जाता है।
