Intimacy and Body Changes: शारीरिक संबंध से शरीर में क्या-क्या होते हैं बदलाव?
Body changes during intimacy: शादीशुदा कपल, लिव इन रिलशनशीप या लव रिलेशन किसी भी रिलेशनशीप में फिजिकल इंटिमेसी एक अहम रोल अदा करता है। आइए जानते है फिजिकल इंटिमेसी के दौरान शरीर में क्या बदलाव आते हैं...
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
physical and emotional changes occur during an intimate relationship: प्यार का अहसास जादू भरा होता है। जब कपल्स साथ में कुछ प्यार भरे पल गुजारते हैं, तो इससे बेहतर और सुखद अहसास कुछ और नहीं हो सकता है। साथी के पास जाते ही मन खुशियों से झूम उठता है। महिला और पुरुष दोनों के शरीर में फील गुड हार्मोन का स्राव होने लगता है। खराब मूड भी पल भर में गायब हो जाता है।
शादीशुदा कपल, लिव इन रिलशनशीप या लव रिलेशन किसी भी रिलेशनशीप में फिजिकल इंटिमेसी एक अहम रोल अदा करता है। फिजिकल इंटिमेसी सिर्फ एक इच्छा नहीं, शरीर की एक जरूरत भी है। इस सच को भारतीय समाज में बेशक खुली स्वीकृति नहीं मिलती, लेकिन डॉक्टर्स इसे शारीरिक और मानसिक सेहत (Physical and Mental Health) के लिए जरूरी मानते हैं।
भारतीय समाज में फिजिकल इंटिमेसी या सेक्स पर आज भी खुलकर बात नहीं होती। जबकि महिला हो या पुरुष दोनों के शारीरिक और मानसिक सेहत पर इसका सबसे ज्यादा असर होता है। आइए जानते है फिजिकल इंटिमेसी के दौरान शरीर में क्या बदलाव आते हैं।
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हैप्पी फीलिंग
जब आप पूरे मन से अपने शरीर को अपने पार्टनर के साथ फिजिकल इंटिमेट होने के लिए तैयार करते हैं तब इसका अनुभव बेहद खुशी भरा होता है। दरअसल सेक्स के दौरान महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में हैप्पी हार्मोन जैसे एंडोर्फिन, सेरोटोनिन और ऑक्सीटोसिन रिलीज होते हैं। इन हार्मोंस की वजह से दिमाग हल्का और तनावमुक्त महसूस करता है। जब सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म मिलता है तब यह संभावना और बढ़ जाती है।
मीठी और गहरी नींद आती है, तनाव गायब
इस विषय में हुई कई रिसर्च यह भी बताती हैं कि जो महिलाएं सेक्सुअली एक्टिव होती हैं उनमें तनाव का स्तर बेहद कम होता है। यही नहीं कई महिला व पुरुषों को सेक्स के बाद अच्छी और गहरी नींद भी आती है। सेक्सुअल रिलेशन बनाने के बाद शरीर में बीपी और हार्ट रेट नॉर्मल होने लगता है। इससे पूरा शरीर रिलैक्स महसूस करता है और थकान-तनाव भूलकर नींद आने लगती है।
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
इमोशनल कनेक्ट
यौन संबंध का रिलेशनशीप पर काफी हद तक असर होता है। फिजिकल इंटिमेसी कपल को इमोशनली भी एक-दूसरे के करीब लाती है। ऐसा माना जाता है कि महिलाओं के लिए इसका महत्व खास हाेता है। फिजिकल इंटिमेसी के बाद महिलाओं अपने पार्टनर को लेकर पहले से ज्यादा इमोशनली कनेक्ट करती है और इमोशनली सेंसिटिव हो जाती है।
महिलाओं के चेहरे पर आता है ग्लो
प्यार में व्यक्ति वैसे भी खूबसूरत हो ही जाता है। यह बात तब और भी अधिक सच हो जाती है जब ये प्यार मन से तन की खुशी तक पहुंच जाता है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आयी है कि सेक्सुअली एक्टिव होने के बाद महिलाओं के चेहरे पर एक अलग ही ग्लो आने लगता है।
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महिलाओं के पीरियड्स में बदलाव
फिजिकल इंटिमेसी (सेक्स) का असर महिलाओं के पीरियड्स पर भी पड़ता है। अक्सर ऐसा हो सकता है कि सेक्स के बाद पीरियड्स की डेट मिस हो। ऐसे में महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अक्सर सेक्सुअली एक्टिव होने के बाद महिलाओं के शरीर के हार्मोंस में कई सारे बदलाव होते हैं। इसकी वजह से मासिक धर्म अनियमित हो सकते हैं। हालांकि यदि इसमें ज्यादा देरी हो तो आप प्रेगनेंसी टेस्ट जरूर कर लें।
