

Brown vs White Bread Nutrition: आप सुपर मार्केट या गली की छोटी सी दुकान में भी जाएंगे, तो आपको वहां ब्रेड की कई वेरायटी, जैसे- सफेद ब्रेड, बटर ब्रेड, ब्राउन ब्रेड, मल्टीग्रेन ब्रेड, आटा ब्रेड या ओट्स ब्रेड दिख जाएंगे। लेकिन सफेदद और ब्राउन ब्रेड में हमेशा से कंफ्यूजन बना रहता है।
कोई भी ब्रेड खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ब्राउन ब्रेड या व्हाइट ब्रेड की कोई सटीक गुणवत्ता मानक नहीं है। यह मूल्य, ब्रांड, भौगोलिक स्थिति आदि के साथ अलग-अलग होती है। ब्राउन ब्रेड आमतौर पर गेहूं के आटे से तैयार की जाती है और यही कारण है कि लोग इसे हेल्दी मानते हैं। दूसरी ओर व्हाइट ब्रेड को मैदा से बनाया जाता है, लेकिन दोनों में मौजूद पोषक तत्व और न्यूट्रिशन वैल्यू को जानने के बाद ही आप बेस्ट का चुनाव कर सकेंगे।
व्हाइट ब्रेड की तुलना में ब्राउन ब्रेड में लगभग 1.6 गुना अधिक चीनी होता है। दरअसल, ब्राउन ब्रेड को ब्राउन करने के लिए चीनी से बने कैरेमल का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पता चलता है कि दोनों ही प्रकार के ब्रेड को बनाने के लिए एक ही प्रकार के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। ब्राउन ब्रेड में मौजूद ब्राउन कलर गेहूं के आटे से नहीं बल्कि कैरेमल से आता है।
ब्रेड के पैकेट पर दी हुई सामग्री से उसके बारे में पता किया जा सकता है। फाइबर के मामले में Brown Bread आगे है, क्योंकि इसके 100 ग्राम में 4.7 ग्राम फाइबर होता है, दूसरी ओर 100 ग्राम व्हाइट ब्रेड में 2.7 ग्राम यानी ब्राउन ब्रेड से आधी मात्रा में फाइबर होता है। बता दें कि फाइबर रिच फूड्स शुगर को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकते हैं और आपकी भूख को लंबे समय तक शांत रखते हैं, इससे ओवरईटिंग से बचा सकता है। ऐसे में वेट लॉस करने वाले लोग या डायबिटीज के रोगी, दोनों के लिए ही ब्राउन ब्रेड ज्यादा अच्छा ऑप्शन है।
100 ग्राम ब्राउन ब्रेड में 4.3 ग्राम फैट होता है, जबकि व्हाइट ब्रेड में 3.2 ग्राम फैट होता है। यानी यह साफ है कि ब्राउन ब्रेड में सैचुरेटेड फैटी एसिड की मात्रा व्हाइट ब्रेड से ज्यादा होती है। ऐसे में इसका सेवन कम से कम किया जाना चाहिए।
White Bread की तुलना में ब्राउन ब्रेड में 3 गुना अधिक आयरन होता है, ऐसे में जिन लोगों में आयरन की कमी हाती है उन्हें ब्राउन ब्रेड का इस्तेमाल करना चाहिए। आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन का प्रोडक्शन स्लो हो जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि रेड ब्लड सेल की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है और शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन का अभाव होने लगता है। इससे शरीर में अत्यधिक ऐंठन होना, थका हुआ महसूस करना, ठंड लगना और कई बार चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ब्राउन ब्रेड में कैल्शियम की मात्रा 165 मिलीग्राम होती है और व्हाइट ब्रेड में 260 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है। कैल्शियम शरीर में हड्डियों के विकास, मांसपेशियों के संकुचन, रक्त के थक्के और यहां तक कि हार्ट बीट में भी सहायक होता है।
ब्राउन ब्रेड में प्रोटीन अधिक पाया जाता है। 100 ग्राम ब्रेड में 0.5 ग्राम प्रोटीन होता है। हालंकि यह इतना जरूरी नहीं है। प्रोटीन के लिए अपने आहार में कई अन्य खाद्य सामग्री को जोड़ा जा सकता है, जैसे- दालें, डेयरी प्रोडक्ट, फल, सोयाबीन, स्प्राउट व अंडे या चिकन।