इन 4 चावल में होते है प्राकृतिक गुण, रोजाना खाने से नहीं बढ़ता वजन, बस जान लीजिए खाने का तरीका
Rice For Weight Loss: वजन घटाने के लिए चावल खाना सही है या नहीं? जानिए ब्राउन, रेड, ब्लैक और बासमती राइस के फायदे, आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार सही चावल का चुनाव करना चाहिए।
- Written By: दीपिका पाल
चावल के कई प्रकार (सौ.सोशल मीडिया)
Ayurvedic Diet Rice: चावल खाना हर किसी को पसंद होता है तो वहीं पर भारत में चावल संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है। सबसे आसान खाना भी चावल ही होता है जो मिनटों में तैयार हो जाता है। सुबह की खिचड़ी हो या दोपहर का सादा भात, चावल हर उम्र के लोगों के खाने में शामिल रहता है। लेकिन, जैसे ही वजन बढ़ने की बात आती है, सबसे पहले लोग चावल को ही थाली से हटाते हैं।
आयुर्वेद में भी चावल का महत्व होता है जो सात्विक आहार होता है जो शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है और मन को शांत रखता है। कई लोग वजन बढ़ने की वजह से रोजाना चावल खाने से कतराते है लेकिन विज्ञान ने माना है कि, चावल को अलग तरीके से खाया जाए तो वजन संतुलित रहता है।
इन चार चावल का सेवन करना होता है हेल्दी
सफेद चावल का सेवन करना हेल्दी होता है वहीं पर चावल के अन्य प्रकार भी है जो सेहत के लिए फायदेमंद होते है।
सम्बंधित ख़बरें
Hair Fall Tips: आपके बालों को बर्बाद कर रहे हैं ये केमिकल्स! जानें कैसे चुनें अपने बालों के लिए बेस्ट शैंपू
सुबह उठते ही होता है गर्दन और सिर में दर्द? कहीं आपका तकिया तो नहीं बन रहा बीमारियों का घर
Facial Hair Tips: थ्रेडिंग-वैक्सिंग का दर्द भूल जाइए! चेहरे के अनचाहे बाल हटाने के लिए अपनाएं ये नेचुरल तरीके
गेहूं की रोटी को बनाएं प्रोटीन का पावरहाउस, बस आटे में मिलाएं ये 5 खास चीजें और देखें सेहत में कमाल
रेड राइस:-
लाल रंग के चावल या रेड राइस खाना हर किसी के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस लाल रंग के चावल में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है जो तत्व शरीर में सूजन को कम करते है और मेटाबॉलिज्म लेवल को बढ़ाता है। जब मेटाबॉलिज्म तेज होता है, तो शरीर जमा फैट को भी ऊर्जा की तरह इस्तेमाल करने लगता है। आयुर्वेद के अनुसार, रेड राइस रक्त को शुद्ध करने और शरीर की गर्मी को संतुलित रखने में सहायक है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना कम होती है।
ब्राउन राइस:-
भुरे रंग का चावल भी सेहत के लिए सही होता है। दरअसल ब्राउन राइस में चावल की ऊपरी परत मौजूद रहती है, जिसमें फाइबर, विटामिन बी और मिनरल्स भरपूर होते हैं। जब हम ब्राउन राइस खाते हैं तो यह धीरे-धीरे पचता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। विज्ञान में इसे लो ग्लाइसेमिक लोड कहा जाता है। यह ब्लड शुगर को नहीं बढ़ाता और न ही शरीर में फैट के रूप में जमा होता है। यह एनर्जी को बढ़ाता है।
ब्लैक राइस:-
काले रंग के चावल का नाम कम ही लोग सुने होते है लेकिन सेहत के मामले में इन चावल का कोई जवाब नहीं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही नजरिए से ब्लैक राइस को खास माना जाता है। इसे फॉरबिडन राइस भी कहा जाता है, क्योंकि पुराने समय में यह सिर्फ खास लोगों के लिए रखा जाता था। ब्लैक राइस में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पेट को भरा रखते हैं। इससे कैलोरी कम होती है और वजन घटाने की प्रक्रिया तेज होती है।
ये भी पढ़ें-सर्दियों में शरीर के लिए वरदान होता है भुना चना, इसके सेवन करने से मिलते है ये अद्भुत फायदे
बासमती राइस:-
आप सेहत के लिए बासमती चावल का सेवन कर सकते है जो सेहत के लिए सही होता है। बासमती के दाने लंबे होते हैं और इसमें आम सफेद चावल की तुलना में ग्लाइसेमिक इंडेक्स थोड़ा कम होता है। यह शरीर में शुगर को धीरे रिलीज करता है। आयुर्वेद मानता है कि सही मात्रा में खाया गया सफेद चावल वजन नहीं बढ़ाता, लेकिन इसे दाल, सब्जी और सलाद के साथ लिया जाना चाहिए।
आईएएनएस के अनुसार
