शरीर में विटामिन-B12 बढ़ाने के लिए अपनी डाइट में शामिल करें ये पीली दाल, नेचुरली हो जाएगी कमी दूर
Vitamin B12 Deficieny:शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने से एनीमिया, थकान और कमजोरी होने लगती है। ऐसे में यहां जानिए किस दाल को डाइट का हिस्सा बनाकर विटामिन बी12 की कमी को पूरा किया जा सकता है।
- Written By: सीमा कुमारी
विटामिन बी12 के लिए चना दाल बढ़िया स्रोत है (सौ.सोशल मीडिया)
Vitamin B12 Deficieny: सेहतमंद रहने के लिए शरीर में सभी पोषक तत्वों का होना बेहद जरूरी है। लेकिन आज के समय में लोगों की बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों की वजह से शरीर में कई तरह के विटामिन्स की कमी आम होती जा रही है, खासकर विटामिन B12 की।
आपको बता दें कि, शरीर में इस विटामिन B12 की कमी से एनीमिया, थकान और कमजोरी होने लगती है। खासकर शाकाहारी लोगों में यह कमी अधिक देखी जाती है, क्योंकि विटामिन B12 मुख्य रूप से मांसाहारी चीजों में पाया जाता है। ऐसे में इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप सप्लीमेंट्स के साथ ही ऐसी चीजों का सेवन कर सकते हैं जिनमें विटामिन बी12 पाया जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक खास दाल ऐसी भी है जो इस ज़रूरी विटामिन का भरपूर स्रोत है? जी हां, हम जिस दाल की बात कर रहे हैं ये न केवल खाने में स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। आइए जानते हैं कौन सी है वो दाल और आप इसको कैसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते है।
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विटामिन बी12 के लिए चना दाल बढ़िया स्रोत है
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, चना दाल यानी स्प्लिट बंगाल ग्राम, भारतीय रसोई में पाई जाने वाली एक आम दाल है। लेकिन बेहद पौष्टिक दालों में से एक है। आपको बता दें इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और जिंक पाया जाता है।
लेकिन जब इस दाल को अंकुरित किया जाता है या फर्मेंट किया जाता है (जैसे इडली/ढोकला के घोल में), तो इसमें कुछ मात्रा में विटामिन B12 जैसे कंपाउंड्स बनते है। हालांकि यह मात्रा मांसाहारी स्रोतों जितनी नहीं होती, पर वेजिटेरियन्स के लिए यह एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है।
कैसे करें चना दाल का सेवन
- रोजाना एक बार चना दाल की सब्ज़ी या दाल बनाकर खा सकते है।
- अंकुरित चने का सलाद बनाकर खाएं।
- चना दाल से बना ढोकला या चीला फर्मेंटेड फॉर्म में B12 बढ़ा सकता है।
- चने का सूप या दाल खिचड़ी भी पोषण से भरपूर होती है।
चना दाल खाने के फायदे-
हड्डियों
डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, चने की दाल में कैल्शियम की मात्रा अच्छी पाई जाती है। इस दाल का सेवन करने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस होने के खतरे को कम कर हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
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कमजोरी
एनर्जी की कमी को दूर करने के लिए चने की दाल का सेवन कर सकते है। क्योंकि इस दाल में जिंक, कैल्शियम, प्रोटीन, फोलेट आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक और जरूरी ऊर्जा देने में मदद कर सकते है।
