अपराजिता के फूल(सौ.सोशल मीडिया)
Aparajita Plant Flower Tips: अपराजिता के नीले और सफेद फूल बेहद खूबसूरत लगते है। यह फूल सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं जब पौधे में फूल नहीं खिलते हैं तो बड़ा दुःख होता है। वहीं यह फूल भगवान को भी बेहद प्रिय है। अगर आपके पौधे में फूल में नहीं खिल रहे हैं तो आप गार्डनिंग एक्सपर्ट के द्वारा बताये गए ये आसान उपाय को अपना कर सकते हैं।
गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, अपराजिता के पौधे में आप आलू के छिलके और सरसों से बनी खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। आलू के छिलके में पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि पौधें के विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। इस खाद का इस्तेमाल करने से मिट्टी उपजाऊ होती है। सरसों का इस्तेमाल करने से पौधे में फूल और कलिया खिलने लग जाती है।
अपराजिता के पौधे में ज्यादा पानी डालने से बचना चाहिए। क्योंकि अपराजिता के पौधे में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। ज़्यादा नमी से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं और फूल नहीं आते। इसलिए पानी तभी दें जब मिट्टी सूखी लगे।
अगर आपके अपराजिता के पौधे में फूल नहीं आ रहे है तो ऐसे में घर की बनी जैविक खाद जैसे कि गोबर की खाद, छाछ, या वर्मी कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल कर सकते है। इस जैविक खाद का देखभाल हर 15 दिन में एक बार कर सकते है।
गार्डनिंग एक्सपर्ट का कहना है कि, अगर पौधे पर लगातार फ्लावरिंग चाहते हैं। तो सूखे हुए फूलों को तुरंत तोड़ दें। जब फूल सूख जाते हैं, तो पौधे की ऊर्जा फूल बनाने की जगह बीज बनाने में लग जाती है। पौधे का मुख्य उद्देश्य अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाना होता है। तो जैसे ही किसी फूल को मुरझाया हुआ देखें, उसे तुरंत कैंची या हाथ से तोड़ दें।
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धूप सहन करने के साथ-साथ, अपराजिता के पौधे को मिट्टी में हल्की नमी बहुत पसंद होती है। तो मिट्टी को पूरी तरह से सूखने नहीं देना चाहिए। जब आप मिट्टी में नमी बनाए रखते हैं, तो पौधा स्ट्रेस-फ्री रहता है और फूलों की कलियां अधिक बनाता है। पानी तभी दें जब गमले की मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखने लगे। ओवरवाटरिंग से पौधे बर्बाद भी हो जाते हैं।