Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अपराजिता के पौधे में नहीं आ रहे हों फूल, तो आजमाएं ये उपाय, फूलों से भर जाएगा पौधा

Remedies For Aparajita Flower Growth:अगर आपके अपराजिता के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं, तो आप कुछ आसान और कारगर उपाय अपनाकर इसे फूलों से भर सकते हैं। इन टिप्स से पौधा स्वस्थ रहेगा और जल्दी फूल देगा।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 28, 2026 | 10:12 PM

अपराजिता के फूल(सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Aparajita Plant Flower Tips: अपराजिता के नीले और सफेद फूल बेहद खूबसूरत लगते है। यह फूल सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं जब पौधे में फूल नहीं खिलते हैं तो बड़ा दुःख होता है। वहीं यह फूल भगवान को भी बेहद प्रिय है। अगर आपके पौधे में फूल में नहीं खिल रहे हैं तो आप गार्डनिंग एक्सपर्ट के द्वारा बताये गए ये आसान उपाय को अपना कर सकते हैं।

अपराजिता पौधे में नहीं खिल रहे फूल? अपनाएं ये टिप्स

  • आलू के छिलके और सरसों से बनी खाद

गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, अपराजिता के पौधे में आप आलू के छिलके और सरसों से बनी खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। आलू के छिलके में पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि पौधें के विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। इस खाद का इस्तेमाल करने से मिट्टी उपजाऊ होती है। सरसों का इस्तेमाल करने से पौधे में फूल और कलिया खिलने लग जाती है।

  • ज्यादा पानी डालने से बचें

अपराजिता के पौधे में ज्यादा पानी डालने से बचना चाहिए। क्योंकि अपराजिता के पौधे में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। ज़्यादा नमी से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं और फूल नहीं आते। इसलिए पानी तभी दें जब मिट्टी सूखी लगे।

सम्बंधित ख़बरें

गर्मी के लिए वरदान से कम नहीं है सत्तू, जानिए इसके फायदे और जानें कैसे बनाएं सत्तू

क्या आप भी गलत तरीके से खाते हैं पनीर? ये 1 छोटी सी गलती बढ़ा सकती है यूरिक एसिड और कोलेस्ट्रॉल!

क्या रात की दाल बच गई है? इसे गरम करने के बजाय बना डालें ये 5 नई और चटपटी डिश

गर्मियों में घर को रखना है कूल तो लगाएं ये 5 इनडोर प्लांट्स! नेचुरल तरीके से कम हो होगा कमरे का तापमान

  • जैविक खाद का करें इस्तेमाल

अगर आपके अपराजिता के पौधे में फूल नहीं आ रहे है तो ऐसे में घर की बनी जैविक खाद जैसे कि गोबर की खाद, छाछ, या वर्मी कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल कर सकते है। इस जैविक खाद का देखभाल हर 15 दिन में एक बार कर सकते है।

  • सूखे फूलों को तुरंत हटाएं

गार्डनिंग एक्सपर्ट का कहना है कि, अगर पौधे पर लगातार फ्लावरिंग चाहते हैं। तो सूखे हुए फूलों को तुरंत तोड़ दें। जब फूल सूख जाते हैं, तो पौधे की ऊर्जा फूल बनाने की जगह बीज बनाने में लग जाती है। पौधे का मुख्य उद्देश्य अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाना होता है। तो जैसे ही किसी फूल को मुरझाया हुआ देखें, उसे तुरंत कैंची या हाथ से तोड़ दें।

यह भी पढ़ें:- गर्मी के लिए वरदान से कम नहीं है सत्तू, जानिए इसके फायदे और जानें कैसे बनाएं सत्तू

  • मिट्टी में नमी बनाए रखें

धूप सहन करने के साथ-साथ, अपराजिता के पौधे को मिट्टी में हल्की नमी बहुत पसंद होती है। तो मिट्टी को पूरी तरह से सूखने नहीं देना चाहिए। जब आप मिट्टी में नमी बनाए रखते हैं, तो पौधा स्ट्रेस-फ्री रहता है और फूलों की कलियां अधिक बनाता है। पानी तभी दें जब गमले की मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखने लगे। ओवरवाटरिंग से पौधे बर्बाद भी हो जाते हैं।

Aparajita plant not flowering try these tips to make it bloom

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 28, 2026 | 10:12 PM

Topics:  

  • Home Remedies
  • Home Tips
  • Lifestyle News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.