ओवरईटिंग से बचना है आसान! होली की दावत में खुद को कंट्रोल करने के लिए आजमाएं ये 5 आसान ट्रिक्स

Healthy Eating Tips: होली में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां सामने हों तो खुद को कंट्रोल करना आसान नहीं होता। जरूरत से ज्यादा खाने से पेट की परेशानी, सुस्ती और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती है।
Tips To Avoid Overeating During Holi Feast
होली की दावत में मिठाइयों खाते हुए व्यक्ति (सौ. एआई)
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Holi Feast Diet Tips: होली यानी रंगों के साथ-साथ गुजिया, मठरी और ठंडाई का त्योहार। अक्सर त्योहार की मस्ती में हम यह भूल जाते हैं कि हमारी प्लेट में कितना कैलोरी बम जमा हो गया है। जिसके कारण त्योहार खत्म होते ही ब्लोटिंग, एसिडिटी और पछतावा। लेकिन सही रणनीति के साथ आप बिना बीमार पड़े दावत का मजा ले सकते हैं।

होली पर पकवानों की खुशबू किसी को भी अपनी ओर खींच सकती है। लेकिन त्योहारों के दौरान होने वाली इमोशनल ईटिंग हमारे पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करती है। अगर आप इस होली वजन बढ़ने और पेट की समस्याओं से बचना चाहते हैं तो ये 5 टिप्स आपके बड़े काम आएंगे।

भूख पर कंट्रोल

अक्सर हमारा दिमाग प्यास और भूख के बीच भ्रमित हो जाता है। होली खेलने के दौरान डिहाइड्रेशन होता है जिससे हमें लगता है कि हमें भूख लगी है। भारी भोजन शुरू करने से 20 मिनट पहले एक बड़ा गिलास पानी पिएं। यह आपकी भूख को प्राकृतिक रूप से कम करेगा और आप कम कैलोरी खाएंगे।

छोटी प्लेट

डिजिटल दौर में पोर्शन कंट्रोल सबसे बड़ा मंत्र है। बड़ी प्लेट में थोड़ा खाना भी कम लगता है जिससे हम ज्यादा परोस लेते हैं। हमेशा छोटी प्लेट चुनें। जब प्लेट भरी हुई दिखती है तो हमारा दिमाग जल्दी संतुष्ट महसूस करता है।

प्रोटीन और फाइबर

सिर्फ मैदा और चीनी (गुजिया-मठरी) खाने के बजाय अपनी प्लेट में पनीर, स्प्राउट्स या फल शामिल करें। अगर आप पहले हाई-प्रोटीन या फाइबर वाली चीजें खाएंगे तो आपका पेट जल्दी भर जाएगा और आप अनहेल्दी स्नैक्स कम खा पाएंगे।

20 मिनट का नियम

मस्तिष्क को पेट भरने का संकेत देने में लगभग 20 मिनट लगते हैं। जल्दी-जल्दी खाने से हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। हर निवाले का स्वाद लें और धीरे-धीरे चबाकर खाएं। इससे न केवल स्वाद बढ़ेगा बल्कि पाचन भी आसान होगा।

लिक्विड कैलोरी से रहें सावधान

ठंडाई, कोल्ड ड्रिंक्स और मीठे शरबत में बहुत अधिक कैलोरी होती है। ये ड्रिंक्स भूख कम करने के बजाय और बढ़ा देते हैं। मीठी ठंडाई के बजाय नमकीन छाछ या नींबू पानी को प्राथमिकता दें।

होली खुशियों का त्योहार है इसे बिस्तर पर लेटकर बदहजमी में न गुजारें। अपनी भूख को पहचानें और माइंडफुल ईटिंग अपनाएं। याद रखें गुझिया का असली मजा पहले दो टुकड़ों में ही है पूरी प्लेट खत्म करने में नहीं।

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