रैपिडो से स्पॉन्सरशिप आरोपों पर परिवहन मंत्री का जवाब, सख्त कार्रवाई भी की, राजनीति न करें
Maharashtra News: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पर आरोप है कि उन्होंने बाइक टैक्सी ऐप रैपिडो पर स्पॉन्सरशिप का दबाव डाला। इन आरोपों का उन्होंने जवाब दिया है।
- Written By: सोनाली चावरे
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (pic credit; social media)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पर आरोप है कि उन्होंने बाइक टैक्सी ऐप रैपिडो पर प्रो गोविंदा लीग 2025 को प्रायोजित करने के लिए दबाव डाला। यह लीग पारंपरिक दही हांडी प्रतियोगिता का आधुनिक, मैट-आधारित और सुरक्षित स्वरूप है, जिसका आयोजन सरनाईक के बेटे पूर्वेश सरनाईक पिछले तीन वर्षों से कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री विजय वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरनाईक की तीखी आलोचना की। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि “पहले निजी ऐप से राइड बुक करो, फिर नियम तोड़ने पर बाइक सवार को पकड़ो, ऐप-आधारित बाइक टैक्सी को अवैध घोषित करो, मंत्री जी की सजगता दिखाने के लिए पीआर कैंपेन चलाओ, और अंत में उसी कंपनी से आयोजन के लिए प्रायोजन ले लो।
वडेट्टीवार ने दोगली छवि निर्माण का लगाया आरोप
वडेट्टीवार ने इसे सुनियोजित छवि निर्माण की कवायद बताते हुए कहा कि “ऐसे समय में जब राज्य का खजाना खाली है, मंत्री जी का यह ‘प्रताप’ दूसरे विभागों के लिए मिसाल है। अगर यही चलता रहा, तो हर मंत्री को अपने आयोजनों के लिए ऐसे स्टंट करने पड़ेंगे।
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सांस्कृतिक आयोजन का राजनीतिकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरनाईक ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन का राजनीतिकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने स्पष्ट किया कि “प्रो गोविंदा लीग को खेल की तरह देखा जाना चाहिए। इस साल 26 मई से शुरू हुए आयोजन के 20-25 प्रायोजकों में रैपिडो भी शामिल था, यह सच है।
सरनाईक ने जोर देकर कहा कि रैपिडो के प्रायोजन के बावजूद, जब भी कंपनी की सेवाएं नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं, उन्होंने सख्त कार्रवाई की। उनके मुताबिक, मानसून सत्र के दौरान रैपिडो की वैधता पर सवाल उठने के बाद, उन्होंने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए और 17-18 जुलाई को अंबोली पुलिस स्टेशन में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
सिर्फ ड्राइवरों पर नहीं कंपनी पर भी कार्रवाई
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यह सिर्फ ड्राइवरों पर कार्रवाई नहीं थी, बल्कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को भी निशाना बनाया गया। शायद पहली बार किसी परिवहन मंत्री ने इतनी सख्त कार्रवाई की है। इसकी सराहना होनी चाहिए, आलोचना नहीं।
सरनाईक ने अपील की कि प्रो गोविंदा लीग को राजनीति से न जोड़ा जाए। इस बात पर गर्व किया जाए कि पारंपरिक दही हांडी अब मैट पर सुरक्षित रूप से खेली जा रही है।
