छात्रों को स्कूल वैन लाइसेंस के लिए महायुति से मिली मंजूरी, सुरक्षित परिवहन के साथ मिलेगा रोजगार
Mumbai News: स्कूली छात्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए परिवहन विभाग स्कूल वैन लाइसेंस जारी करेगा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मामले में अधिसूचना जारी की है।
- Written By: सोनाली चावरे
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, स्कूल वैन (pic credit; social media)
Maharashtra News: स्कूल बसों का बढ़ा हुआ मासिक किराया कम न कर पाने के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को लाने-ले जाने के लिए अनधिकृत रिक्शा का विकल्प चुन रहे हैं। इस संबंध में राज्य सरकार ने राज्य के सभी अभिभावकों को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। स्कूली छात्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए परिवहन विभाग स्कूल वैन लाइसेंस जारी करेगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा बुलाई गई एक बैठक में अभिभावकों और बस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अनधिकृत वाहनों में छात्रों को ले जाने का मुद्दा उठाया।
वैन शुरू संबंधी तैयार किए जाएंगे नए नियम
राज्य सरकार 2018 तक परिवहन विभाग के माध्यम से स्कूल वैन के लिए लाइसेंस जारी कर रही थी। हालांकि, कुछ लोगों ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि स्कूल वैन छात्रों के परिवहन के लिए असुरक्षित हैं। अब, केंद्रीय नियमों के अनुसार राज्य सरकार ने वैन शुरू करने के संबंध में नियम तैयार कर अधिसूचना जारी कर दी है। उसी के आधार पर राज्य सरकार ने यह नीतिगत कदम उठाया है।परिवहन मंत्री सरनाईक ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई मेट्रो 2B का स्टील स्ट्राइक, 70 टन का पहला सेगमेंट फिट, बांद्रा के केबल-स्टे ब्रिज पर निर्माण की शुरुआत
AI में महाराष्ट्र बनेगा नंबर-1, महा AI से प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी उपयोग बढ़ाने की चल रही तैयारी
छात्रों पर दमन बंद हो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो… हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों ने जमकर जताया विरोध
स्टेयरिंग पे मोबाइल तो सीधे होगी कार्रवाई; BEST के 23 चालक हुए दंडित, अब बसों में सादे कपड़ों में होगी निगरानी
रिक्शा की तुलना में वैन में सुरक्षित
जो अभिभावक स्कूल बस का किराया नहीं दे सकते, वे छात्रों के परिवहन के लिए रिक्शा का सहारा लेते हैं। रिक्शा की तुलना में वैन में सुरक्षा के ज्यादा प्रावधान होते हैं। वैन के दरवाजे बंद होते हैं और ये चार पहिये वाले होते हैं, इसलिए वाहन के पलटने और दुर्घटना होने की संभावना नहीं रहती। वैन में स्कूल बैग, पानी की बोतलें और अन्य सामग्री रखने के लिए पर्याप्त जगह होती है। सुरक्षित परिवहन के साथ-साथ इससे कई लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
अत्याधुनिक सुविधाएं
केंद्र सरकार ने छात्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए स्कूल बस विनियम (ऑटोमोटिव उद्योग मानक यानी AIS-063) के आधार पर अद्यतन स्कूल वैन विनियम (AIS-204) तैयार किए हैं। छात्रों के परिवहन के लिए चार पहिया 12+1 सीटर वाहनों को स्कूल वैन का दर्जा दिया जाएगा। महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है जो सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं से लैस आधिकारिक स्कूल वैन चलाएगा। ये सभी वाहन BS-VI श्रेणी के होंगे। इनमें चालक पहचान पत्र, आपातकालीन निकास, वाहन प्रवेश, स्टोरेज रैक, सीट डिजाइन, फायर अलार्म सिस्टम, वाहन ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकें शामिल की जाएगी।
महाराष्ट्र बनेगा देश का पहला राज्य
छात्रों का सुरक्षित परिवहन पहली प्राथमिकता है। नई स्कूल वैन में छात्रों के परिवहन का व्यवसाय शुरू करने वालों को राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस दिए जाएंगे। परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा जो राज्य में आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस स्कूल वैन चलाएगा।
स्कूल वैन की विशेषताएं
स्कूली वैन में जीपीएस, डैशबोर्ड पर सीसीटीवी और स्क्रीन, फायर अलार्म सिस्टम, दरवाजा खुला रहने पर अलार्म सिस्टम, 40 की गति सीमा वाला स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन, आपातकालीन द्वार, छोटे बच्चों के स्कूल वैन में प्रवेश के लिए सीढ़ियां और वाहन की छत पर स्कूल का नाम लिखा होगा।
