Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

जब DC ने कहा सरेंडर कर दीजिए, नहीं तो गोली खाएंगे, जंगल में शिबू सोरेन की अनसुनी कहानी

Shibu Soren: 1970 के दशक में आदिवासी हितों के लिए संघर्ष कर रहे शिबू सोरेन को एक दुश्मन की तरह देखा जा रहा था। कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की दूरदर्शिता ने इस टकराव को संवाद में बदल दिया।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Aug 04, 2025 | 02:51 PM

शिबू सोरेन, फोटो: सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

Shibu Soren Untold Stories: शिबू सोरेन का कई बार प्रशासन से टकराव रहा। कई ऐसे मौके आए जब उनको तलब किया गया। शिबू सोरेन का ऐसा ही एक प्रसंग उस समय के धनबाद के डीसी केबी सक्सेना के बीच का है जो भारतीय प्रशासनिक इतिहास में एक दुर्लभ उदाहरण बन गया।

साल 1975 में केबी सक्सेना को धनबाद का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया था। उन्हें स्पष्ट आदेश मिला था कि शिबू सोरेन को किसी भी हालत में गिरफ्तार करना है। सक्सेना ने कार्रवाई की योजना बनाई, लेकिन जल्द ही उन्हें यह समझ आ गया कि शिबू कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि आदिवासियों के हक के लिए लड़ने वाले एक जननेता हैं।

जब सोरेन से मिलने जंगल पहुंचे डीसी

एक दिन सक्सेना इसी सोच के तहत बिना किसी सुरक्षा के जंगल में शिबू के ठिकाने पर पहुंच गए। वहां सैकड़ों आदिवासी तीर-कमान के साथ पहरेदारी कर रहे थे। शिबू ने जब सुना कि कोई अधिकारी मिलने आया है, तो सक्सेना को अपने पास बुलाया और खाट पर बैठाया।

सम्बंधित ख़बरें

Ranji Trophy में उत्तराखंड ने रचा इतिहास, झारखंड को हराकर पहली बार पहुंची सेमीफाइनल में

पत्नी से अपने पुराने लिव इन रिलेशनशिप को छिपाना धोखा, हाईकोर्ट ने 50 लाख की एलिमनी

Padma Awards 2026: ‘हीमैन’ को पद्म विभूषण तो ‘हिटमैन’ को पद्म श्री, जानिए किन 131 हस्तियों को मिला पद्म सम्मान

जज ने पत्नी की हत्या की दी सुपारी…दो लाख में शूटर किए हायर, 3 बदमाश गिरफ्तार

दूसरी मुलाकात: DC बोले- सरेंडर कर दीजिए, नहीं तो गोली खानी पड़ेगी

सक्सेना ने शिबू को समझाया, “आप आदिवासियों के मसीहा हैं, लेकिन जंगल में रहकर हमेशा लड़ते नहीं रह सकते। बेहतर होगा कि आप कानून के सामने सरेंडर करें, वरना किसी दिन पुलिस की गोली का शिकार हो जाएंगे।” इस संवाद ने शिबू को सोचने पर मजबूर कर दिया। यह प्रशासन की ओर से पहला मानवीय दृष्टिकोण था।

दूसरी मुलाकात: 25 हजार आदिवासियों की सभा, गिरफ्तारी नहीं

कुछ ही दिनों बाद सक्सेना फिर पहुंचे। इस बार एसपी और अन्य अधिकारियों के साथ। एक बड़ी जनसभा हुई जिसमें करीब 25 हजार आदिवासी जुटे। इस सभा में सक्सेना ने सार्वजनिक रूप से कहा कि शिबू आदिवासियों के सच्चे नेता हैं और सरकार को उनसे बात करनी चाहिए। इस बयान से शिबू की स्थिति और मजबूत हो गई। हालांकि इस घटनाक्रम से शोषक वर्ग और महाजन समुदाय नाराज हो गया और राजनीतिक विरोध बढ़ने लगा।

सक्सेना का तबादला, लेकिन भरोसे की नींव कायम रही

हालात ऐसे बन गए कि सक्सेना का तबादला कर दिया गया। लेकिन जाने से पहले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पत्र लिखकर शिबू की भूमिका और आदिवासी संघर्ष की असलियत बताई।

प्रशासन ने कहा: जेल चलिए, हम केस खत्म करेंगे

सक्सेना के स्थान पर आए नए डीसी ने भी शिबू से संपर्क बनाए रखा। सितंबर 1975 में शिबू को कहा गया कि वे थाने आएं, वहां मुख्यमंत्री उनसे बात करना चाहते हैं। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि अगर वे सहयोग करेंगे तो सभी केस धीरे-धीरे खत्म कर दिए जाएंगे। शिबू को यह भी बताया गया कि उन्हें कुछ दिन जेल में रहना पड़ेगा, ताकि कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। प्रशासन ने उनके समर्थकों को आश्वस्त किया कि कुछ भी गलत नहीं होगा। आखिरकार शिबू सोरेन ने आत्मसमर्पण कर दिया।

बोकारो में CM से की मुलाकात

शिबू और उनके साथियों को धनबाद जेल में रखा गया जहां डीसी खुद उनकी सुविधाओं की निगरानी कर रहे थे। कुछ दिन बाद उन्हें बोकारो ले जाया गया, जहां मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र से मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने शिबू से कहा कि सभी केसों को खत्म करने की प्रक्रिया जारी है और अगर वे जमानत के लिए आवेदन करेंगे तो सरकार विरोध नहीं करेगी।

यह भी पढ़ें: केदारनाथ आपदा: अब मिलेगा 3075 लोगों का सुराग! 12 साल बाद फिर शुरू होगी नरकंकालों की खोज

जेल से रिहाई बनी नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत

कुछ ही समय में शिबू सोरेन और उनके साथी जेल से रिहा कर दिए गए। प्रशासन और आंदोलनकारी नेतृत्व के बीच इस समन्वय ने न केवल एक टकराव को टाल दिया, बल्कि झारखंड आंदोलन की एक नई राजनीतिक दिशा भी तय कर दी।

 

Shibu soren surrender kb saxena jharkhand story

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Aug 04, 2025 | 02:51 PM

Topics:  

  • Jharkhand
  • Jharkhand News
  • Shibu Soren

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.