दुबे मुंबई आओ, समुद्र में डूबा डूबा के मारेंगे, राज ठाकरे ने BJP पर साधा निशाना
Hindi Controversy: मनसे की सभा में राज ठाकरे ने बीजेपी संसद निशिकांत दुबे पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुबे तुम मुंबई आओ, तुमको समुद्र में डूबा डूबा के मारेंगे।
- Written By: सोनाली चावरे
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे
Raj Thackeray News: मीरारोड में मनसे की सभा में राज ठाकरे ने जमकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने हजारों की संख्या में उपस्थित मराठी भाषिक जनसमुदाय के सामने बीजेपी संसद निशिकांत दुबे पर हमला करते हुए कहा कि दुबे तुम मुंबई आओ, तुमको समुद्र में डूबा डूबा के मारेंगे। साथ ही ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी मीरारोड से पालघर अमराठी भाषी निर्वाचन क्षेत्र तैयार कर रहे हैं।
ठाकरे ने कहा, जहां से अमराठी भाषी संसद, विधायक, नगरसेवक, महापौर चुन कर आयेंगे और इस पूरे क्षेत्र को गुजरात में मिला देंगे। इसी तरह से धीरे – धीरे मुंबई को भी महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रची जा रही है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह प्रयत्न बहुत पहले से ही शुरू है, और यह स्वप्न गुजराती व्यापारियों ने देखी थी और एक गुजराती नेता ने इसका प्रयास भी किया था। आज दिल्ली के इशारे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी यही प्रयास कर रहे हैं।
राज ठाकरे ने कहा कि कोई भाषा बुरी नहीं है, लेकिन हम पर हिंदी लादी जाएगी तो हम स्कूल बंद करा देंगे। बड़ी संख्या में उपस्थित मराठी भाषी जनसमुदाय से उन्होंने सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि उनके बगल में कौन रह रहा, कौन रहने आ रहा इस पर नजर रखें, सतर्क रहें और जहां भी जाएं मराठी में ही बात करें। और जिन्हें मराठी नहीं आती उन्हें मराठी सीखने के लिए बाध्य करें।
सम्बंधित ख़बरें
ठाणे जिला परिषद में 526 प्राथमिक शिक्षकों की होगी भर्ती, 11 अगस्त तक पवित्र पोर्टल पर भरें पसंदक्रम
15 अगस्त के बाद नहीं टलेगी कार्रवाई… परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अमराठी कैब- ऑटो चालकों को सख्त चेतावनी
मध्य रेल ने कबाड़ बेचकर कमाए 202.55 करोड़ रुपये! जानें क्या है जीरो स्क्रैप मिशन
घट जाएगा यात्रा का समय, कम होगी भीड़, पनवेल-कर्जत नए रेल कॉरिडोर का काम प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब
इसे भी पढ़ें – ‘जो मुंबई को अलग करेगा, उसके टुकड़े करेंगे’, उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार पर हमला
मराठी भाषा का इतिहास 2500 वर्ष पुराना
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने गैर-मराठी भाषी लोगों से मराठी सीखने की बात भी कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि मराठी भाषा का इतिहास 2500 वर्ष पुराना है जबकि हिंदी भाषा का इतिहास मात्र 200 वर्ष पुराना है। हिंदी भाषा ने करीब 250 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि मराठी कान में नहीं समझ आती तो कान के नीचे खानी पड़ेगी।
हिंदी सख्ती को हमारा विरोध है
राज ठाकरे ने हिंदी टेली मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अन्य राज्यों की घटना उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, लेकिन महाराष्ट्र, मुंबई की किसी घटना को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है। एक मिठाई वाले को थप्पड़ मारना कोई बड़ी घटना नहीं थी ,लेकिन वह नेशनल न्यूज बन गई। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है जिसकी भाषा और जमीन नहीं टिकी उसका अस्तित्व भी नहीं टीका। हिंदी की सख्ती का हमारा विरोध है, उसके बजाय मराठी की सख्ती किए जाने की नसीहत भी उन्होंने दी।
