पटसंख्या के आधार पर स्कूल बंद करने का विरोध, शिक्षा बचाओ समन्वय समिति ने आपत्ति जताई
Save Education Coordination Committee: शिक्षा आयुक्त ने 7 अक्टूबर को एक वर्चुअल बैठक में राज्य में पांच से कम पटसंख्या वाले स्कूलों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
पटसंख्या के आधार पर स्कूल बंद करने का विरोध
Gondia District: शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन कर पटसंख्या के आधार पर स्कूल बंद करने का विरोध करते हुए शिक्षा बचाओ समन्वय समिति ने 16 अक्टूबर को निवासी जिलाधीश भैयासाहेब बेहेरे को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने स्कूलों को बंद करने के संबंधित आदेश को तत्काल वापस लेने, पटसंख्या (छात्र संख्या) के आधार पर किसी भी स्कूल को बंद न करने, क्लस्टर गठन की प्रक्रिया को तत्काल रोकने, शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार सभी स्कूलों को आवश्यक भौतिक सुविधाएं प्रदान करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू न करने का निर्णय लेने, कुल आय का कम से कम 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करने आदि जैसी मांगों का समावेश है।
जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
शिक्षा आयुक्त ने 7 अक्टूबर को एक वर्चुअल बैठक में राज्य में पांच से कम पटसंख्या वाले स्कूलों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। शिक्षा बचाव समन्वय समिति ने यह विचार व्यक्त किया कि यह निर्णय शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के प्रावधानों के साथ असंगत है और इसका दूरदराज के क्षेत्रों में गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
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शिक्षा के सार्वभौमिकरण की नीति के विपरीत निर्णय
शिक्षा बचाव समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, निदेशक (प्राथमिक) शिक्षा विभाग, शिक्षा उपनिदेशक से मांग की है कि शिक्षा के सार्वभौमिकरण की नीति के विपरीत इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए।
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प्रतिनिधिमंडल में शिक्षा बचाव समन्वय समिति के पदाधिकारी अतुल सातदेवे, वसंत गवली, यशवंत रामटेके, भोजराज ठाकरे, रमेश बिसेन, सी।पी। बिसेन, अजीज लिरानी, पंचशिला पानतावने, मनोहर भावे, रचना मेश्राम, नरेश परिहार, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के अक्षय डोंगरे आदि का समावेश था।
