नाव हादसे ने छीन ली 25 जानें! इस अफ्रीकी देश में मची चीख-पुकार, रेस्क्यू जारी

Boat Acciedent: नाइजीरिया से एक बड़े हादसे की सूचना मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के उत्तर-मध्य क्षेत्र में एक नाव के पलट जाने से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है।
नाव हादसे ने छीन ली 25 जानें! इस अफ्रीकी देश में मची चीख-पुकार, रेस्क्यू जारी
सांकेतिक तस्वीर, (सो.सोशल मीडिया)
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Nigeria Boat accident: अफ्रीकी देश नाइजीरिया से एक बड़े हादसे की खबर आई है। बताया जा रहा है कि देश के उत्तर-मध्य क्षेत्र में एक नाव पलटने की घटना में कई लोगों की जान जाने की आशंका है। अधिकारियों ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस दुर्घटना में कम से कम 25 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।

अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, नाइजीरिया के नाइजर राज्य के शिरोरो इलाके में स्थित गुमु गांव के पास शनिवार को एक दुखद हादसा पेश आया। बताया गया कि एक बाजार की ओर यात्रियों को ले जा रही नाव अचानक पलट गई, जिससे यह दुर्घटना घटी। इस हादसे में कम से कम 25 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।

सशस्त्र गिरोहों के कब्जे की वजह से हो रही परेशानी

नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के अधिकारी इब्राहिम हुसैनी ने इस हादसे को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य अब भी जारी हैं, लेकिन ये अभियान बेहद सीमित दायरे में हो पा रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि प्रभावित क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों पर सशस्त्र गिरोहों का नियंत्रण है। हुसैनी ने यह भी चेतावनी दी कि मरने वालों की संख्या में अभी और भी इज़ाफा हो सकता है।

इसके पहले भी हुआ है नाव हादसा

नाइजीरिया में यह नाव हादसा कोई नया नहीं है। दूरदराज के इलाकों में, खासकर बारिश के मौसम में ऐसी दुर्घटनाएं अक्सर होती हैं। इसकी मुख्य वजह नावों का अधिक भार और उनका खराब रखरखाव है। पिछले साल सितंबर में, ज़म्फारा राज्य में एक नदी में एक नाव पलट गई थी, जिसमें ज्यादातर किसान सवार थे।

2024  में हो चुकी है इतनी मौंते

इस हादसे में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय मीडिया के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में नाइजीरिया में नाव दुर्घटनाओं में 326 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इसके बाद भी लापरवाही बार-बार सामने आ रही है।

वहीं, इस हादसे को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि कई नावों में लाइफ जैकेट्स की कमी होती है और इसके लिए वे नियामक संस्थाओं द्वारा नियमों का सही तरीके से पालन न कराए जाने को जिम्मेदार ठहराते हैं।

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