आखिर क्यों भयानक मानी जाती है शनि अमावस्या, इन कामों को करना होता है वर्जित

Shani Amavasya Importance: शनिश्चरी अमावस्या के दिन शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए अगर आप पूजा या जरूरी उपाय करते है तो आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।
शनिचरी अमावस्या में क्या करना होता है वर्जित
शनिचरी अमावस्या में क्या करना होता है वर्जित (सौ. सोशल मीडिया)
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Shani Amavasya 2025: आज देशभर में शनिश्चरी अमावस्या मनाई जा रही है । इस दिन भगवान शनिदेव की पूजा का विधान होता है। कहते है शनिवार के दिन या शनिश्चरी अमावस्या के दिन शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए अगर आप पूजा या जरूरी उपाय करते है तो आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। अमावस्या की रात को भयानक रात के रूप में कहा जाता है।इस दिन चंद्रमा लुप्त हो जाता है और नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है।

कहते है जो भी भक्त इस दिन पूजा-पाठ में मन लगाता है भगवान शनिदेव उनपर कृपा बरसाते है। साथ ही तमाम दोषों से मुक्ति भी मिलती है। शनिचरी अमावस्या के दिन कई कामों को करने से बचना चाहिए नहीं तो शनिदेव नाराज हो सकते है।

शनि अमावस्या की शुभ तिथि और मुहूर्त

शनि अमावस्या की तिथि पंचागों में बताई गई है। भाद्रपद अमावस्या तिथि 22 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और 23 अगस्त, शनिवार को सुबह 11 बजकर 35 मिनट समाप्‍त होगी.

भूलकर भी ना करें शनिवार के दिन ये गलतियां

जैसा सब जानते है, शनिदेव बेहद प्रभावशाली ग्रह हैं इसलिए ऐसे में शनि अमावस्या के दिन भूलकर भी कुछ गलतियां नहीं करना चाहिए। इस दौरान की गई गलती की सजा आपको जीवन भर भुगतनी पड़ सकती है।

  • शनि अमावस्या के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए, नाखून या बाल नहीं कटवाना चाहिए। ऐसा करने से आपको सौभाग्य मिलने की जगह दुर्भाग्य मिलने लगता है।
  • इसके अलावा शनिश्चरी अमावस्या के दिन गरीब, मजदूर, जरुरतमंद, कुत्ता, कौवा घर के द्वार आए तो इन्हें भगाएं नहीं। कहा जाता है कि, ऐसा करने पर शनि नाराज हो सकते हैं क्योंकि इन पर शनि की विशेष कृपा होती है। अमावस्या पर इनकी सेवा या यथाशक्ति मदद करना चाहिए।
  • कहते है कि, शनि अमावस्या पर नमक, तेल, लोहा खरीदना अशुभ फलदायी होता है, इससे धन हानि हो सकती है।
  • शनि अमावस्‍या के दिन आपको ध्यान अच्छी तरह रखने की जरूरत है। ऐसा करने से रात नकारात्‍मक शक्तियां प्रबल रहती हैं। अमावस्‍या की रात को श्‍मशान घाट, कब्रिस्‍तान या सुनसान जगह पर ना जाएं।
  • शनि अमावस्या पर नशा, मांसाहार और तामसिक भोजन करने की मनाही होती है। कहते है कि, ऐसा करने से पितरों की कृपा नहीं मिलती और शनि देव भी अप्रसन्न हो जाते हैं।
  • शनि अमावस्या के दिन भूल से किसी को तन या मन से दुखी न करें, न ही पेड़ों की कटाई छटाई करें,इससे पितृ दोष लगता है।
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