19 ट्रेनें…कन्फर्म सीट किसी में नहीं, पुणे हिट के बाद मुंबई-नागपुर रूट के लिए वंदे भारत की डिमांड
Vande Bharat Train Demand: नागपुर से चलने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ बढ़ती जा रही है और अब मुंबई-नागपुर रूट के लिए वंदे भारत की डिमांड बढ़ रही है।
- Written By: प्रिया जैस
वंदे भारत (फाइल फोटो)
Nagpur-Mumbai Vande Bharat: विदर्भ की राजधानी नागपुर से मुंबई के बीच रेल यात्रियों की बढ़ती भीड़ अब इस बात की साफ गवाही दे रही है कि इस रूट पर भी पुणे की तर्ज पर वंदे भारत एक्सप्रेस की तत्काल आवश्यकता है। जिस प्रकार पुणे से मुंबई के बीच वंदे भारत ट्रेन को शानदार प्रतिसाद मिला है उसी तरह नागपुर और मुंबई के बीच भी यह हाई-स्पीड सेवा शुरू की जानी चाहिए। वर्तमान में नागपुर से चलने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ और लगातार वेटिंग लिस्ट इस बात का संकेत है कि अब यात्रियों को तेज, आरामदायक और समयबद्ध ट्रेन सेवा की दरकार है।
19 ट्रेनें, कन्फर्म सीट किसी में नहीं
- नागपुर और मुंबई रूट पर सप्ताह में कुल 19 ट्रेनें चलती हैं। अधिकांश ट्रेनें हावड़ा और पिछले स्टेशनों से चलती हैं। इतनी ट्रेनें होने के बाजवूद भी इनमें कन्फर्म टिकट नहीं मिलती।
- ट्रेन 12290/89 नागपुर-मुंबई-नागपुर दुरांतो, ट्रेन 12106/05 गोंदिया-मुंबई-गोंदिया विदर्भ और ट्रेन 12140/39 नागपुर-मुंबई-नागपुर सेवाग्राम एक्सप्रेस में पूरे वर्ष ही कन्फर्म टिकट मिलना असंभव सा लगता है।
- खास बात यह कि ये नागपुर से शुरू होने वाली सभी ट्रेनें शाम 5 बजे से रात 10 बजे के बीच चलती हैं। इसके बावजूद रेलवे ट्रेन यात्रियों की पूरी मांग को पूरा नहीं कर पा रही।
- हालात यह हैं कि इन ट्रेनों में यात्रा के लिए महीनों पहले आरक्षण कराना पड़ता है। तत्काल टिकटों में भी वेटिंग लिस्ट लंबी बनी रहती है।
- दुरांतो जैसी प्रीमियम ट्रेन में प्रीमियम किराया, विदर्भ और सेवाग्राम में एसी क्लास की वेटिंग लिस्ट यह स्थिति दर्शाती है कि यात्री अधिक किराया देने को भी तैयार हैं; बशर्ते उन्हें तेज और सुविधाजनक यात्रा मिले।
- रेलवे सूत्रों के अनुसार नागपुर-मुंबई रूट पर प्रतिदिन औसतन 12,000 से 15,000 यात्री विभिन्न ट्रेनों से सफर करते हैं और इतने ही वेटिंग लिस्ट में रह जाते हैं। त्योहारों के मौसम में यह संख्या दोगुनी तक पहुंच जाती है।
नागपुर से केवल एक ही रूट बाकी
रेलवे बोर्ड ने पिछले कुछ वर्षों में वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क देशभर में तेजी से बढ़ाया है। नागपुर से पहले ही नागपुर-बिलासपुर और नागपुर-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जा चुकी हैं जिनका यात्रियों से शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। इसके अलावा नागपुर से सिकंदराबाद के लिए भी वंदे भारत दौड़ रही है लेकिन मुंबई के लिए ऐसी कोई ट्रेन न होने से यात्रियों को निराशा झेलनी पड़ती है।
नागपुर से मुंबई की दूरी लगभग 830 किलोमीटर है जिसे वंदे भारत ट्रेन लगभग 6.5 से 7 घंटे में तय कर सकती है। मौजूदा ट्रेनों को यह दूरी तय करने में औसतन 11 से 13 घंटे लगते हैं। यात्रियों के अनुसार वंदे भारत जैसी ट्रेन से न केवल समय की बचत होगी बल्कि व्यापारियों, छात्रों और नियमित आने-जाने वालों को भी राहत मिलेगी।
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नागपुर से बड़ी संख्या में यात्री रोजाना मुंबई में कामकाज, चिकित्सा उपचार या व्यापारिक गतिविधियों के लिए यात्रा करते हैं। इसके अलावा नागपुर एयरपोर्ट पर बढ़ते हवाई किरायों के चलते ट्रेन ही अब भी सबसे सुलभ माध्यम बनी हुई है।
रेलवे बोर्ड कर सकता है व्यवहार्यता अध्ययन
जानकारों की मानें तो रेलवे बोर्ड को इस रूट पर वंदे भारत शुरू करने से पहले यात्रियों की संख्या, मौजूदा ट्रेनों की सीटों की उपलब्धता और वेटिंग सूची का आंकलन करना चाहिए। वर्तमान आंकड़े यह दिखाते हैं कि नागपुर और मुंबई के बीच औसतन 85 प्रतिशत से अधिक बुकिंग दर रहती है जबकि कुछ ट्रेनों में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इससे स्पष्ट है कि अतिरिक्त ट्रेन की मांग वास्तविक और स्थायी है।
यदि नागपुर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की जाती है तो यह विदर्भ के यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात होगी। तेज, स्वच्छ, आरामदायक और समयनिष्ठ सेवा के साथ यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच यात्रा अनुभव को नए स्तर पर ले जाएगी। रेलवे बोर्ड यदि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेता है तो यह न केवल यात्रियों के लिए राहत भरा कदम होगा बल्कि मध्य भारत के लिए विकास का भी नया अध्याय खोलेगा।
