नासिक बाढ़ राहत: किसानों के कर्ज पुनर्गठन और वसूली पर एक साल की रोक, कलेक्टर ने दिए निर्देश
Nashik News: नासिक जिले में 2025 की अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने फसल ऋण पुनर्गठन और कृषि कर्ज वसूली एक वर्ष के लिए स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं।
- Written By: आकाश मसने
नासिक कलेक्टर आयुष प्रसाद (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Farmers Relief: जून से सितंबर 2025 के दौरान नासिक जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है। शासन ने उनके सहकारी फसल ऋण के पुनर्गठन और कृषि संबंधित कर्ज वसूली को एक वर्ष के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है।
वर्ष 2025 में जून से सितंबर के दौरान नासिक जिले में हुई अत्यधिक बारिश और बाढ़ ने प्रभावित तालुकों के किसानों की फसलों, कृषि उपकरणों, संपत्ति और आजीविका को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए, महाराष्ट्र शासन ने प्रभावित किसानों के लिए राहत की घोषणा की है।
किसानों से कर्ज वसूली पर रोक
महाराष्ट्र सरकार ने इन किसानों के सहकारी फसल ऋण के पुनर्गठन (Debt Restructure) तथा कृषि से संबंधित कर्ज की वसूली को एक वर्ष के लिए स्थगित किया है। इस संबंध में, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इसकी प्रभावी अमलवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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शासन परिपत्रक क्रमांक GMS 1125/प्र.क्र. 261/25/2-S, दिनांक 26 नवंबर 2025 के अनुसार, जिलाधिकारी ने सभी संबंधित बैंक, SLBC (State Level Bankers’ Committee) तथा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को तुरंत आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया है। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रभावित तहसीलों के सभी किसानों के अल्पकालीन ऋण (Short-term loans) को नियम अनुसार तत्काल प्रभाव से मध्यम अवधि के ऋण (Medium-term loans) में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
समस्याओं का तुरंत समाधान अनिवार्य
नासिक जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने परिपत्रक के माध्यम से जिले की सभी राष्ट्रीयकृत, निजी, सहकारी तथा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में इन आदेशों को तुरंत लागू करने का सख्त निर्देश दिया है। आदेश के तहत, सभी प्रकार के कृषि ऋण की वसूली तुरंत स्थगित की जानी है।
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सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि बैंकों को कर्ज वसूली के संबंध में कोई भी कठोर कार्यवाही नहीं करनी है। इसमें वसूली नोटिस जारी करना, संपत्ति ज़ब्त करना (जप्ती), वसूली दल भेजना या किसानों का नाम सार्वजनिक करना शामिल है।
बैंकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शासन द्वारा दी गई स्थगन संबंधी स्पष्ट सूचना बैंक शाखा स्तर पर सूचना फलक (Notice Board) पर प्रदर्शित की जाए। इसके अतिरिक्त, यदि कोई किसान इस स्थगन अवधि के दौरान कर्ज संबंधी कोई समस्या दर्ज कराता है, तो उसका समाधान बैंक द्वारा तुरंत करने के निर्देश दिए गए हैं।
