मनमाड-इंदौर रेल प्रोजेक्ट में बड़ी छलांग! 600 वारिसों को नोटिस, 15 दिसंबर से अधिग्रहण शुरू
Manmad-Indore Railway Project: मनमाड–इंदौर नई रेल लाइन परियोजना को बड़ी गति मिली है। रेलवे ने मनमाड में करीब 600 वारिसों को भू-अधिग्रहण नोटिस जारी किए हैं। 15 दिसंबर को मापन होगा।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Manmad-Indore New Railway Line: एक ओर जहां रेलवे मंत्रालय ने मनमाड-कसारा लोकल के लिए दो नई रेल लाइनों को हरी झंडी दे दी है, वहीं अब बहुप्रतीक्षित और वर्षों से लंबित मनमाड-इंदौर प्रस्तावित रेल मार्ग परियोजना को गति मिली है। भूमि अभिलेख विभाग ने मनमाड शहर के गर्डरशॉप क्षेत्र के लगभग सौ परिवारों के तकरीबन छह सौ वारिसों को भू-अधिग्रहण नोटिस जारी किए हैं।
15 दिसंबर को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भू-अधिग्रहण मापन किया जाएगा, जिसके बाद ज़मीनों का अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा। भूमि अभिलेख कार्यालय और रेलवे प्रशासन ने संबंधित ज़मीन मालिकों से इस दौरान उपस्थित रहकर अपनी बात रखने की अपील की है।
परियोजना को मिली तेजी
मनमाड-इंदौर नए रेल मार्ग परियोजना को इस भू-अधिग्रहण प्रक्रिया से आखिरकार गति मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नासिक के उपजिल्हाधिकारी (भू-अधिग्रहण) को सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। आगामी समय में नांदगांव तालुका के 6 और मालेगांव तालुका के 15 गांवों में भी भू-अधिग्रहण किया जाएगा। इससे यह परियोजना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
सम्बंधित ख़बरें
इंदौर हनीट्रैप केस: रेशू चौधरी और श्वेता जैन ही हैं मास्टरमाइंड, पुलिस ने जांच की तेज; 7 आरोपियों को भेजा जेल
नासिक सेंट्रल जेल के अफसरों ने कुख्यात कैदी के साथ की पार्टी; सरकारी बंगले पर ‘जाम छलकाने’ का वीडियो वायरल
अवैध संबंध से उजड़ा परिवार: पत्नी की हत्या के बाद पति ने खाया जहर, महिला के प्रेमी ने भी कर ली खुदकुशी
नासिक में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा: पानी भरी बाल्टी में डूबने से 1 साल की मासूम हिंदवी की दर्दनाक मौत
भू-अधिग्रहण वाले प्रमुख गांव
नांदगांव तालुका के मनमाड, अस्तगांव, पांझणदेव, खादगांव, नवसारी, भार्डी तथा मालेगांव तालुका के चोंढी-जलगांव, कालेवाड़ी, घोड़ेगांव चौकी, वरहाणे, मेहूण, ज्वार्डी बु., येसगांव, सवंदगांव, सायणे बु., मालहाणगांव, चिखलओहोल, झोडगे गांव की भूमि अधिग्रहित होगी। यह परियोजना मनमाड-धुलिया-नरडाणा डॉ. आंबेडकर नगर के बीच 309।43 किमी लंबी नई रेल लाइन की है, जिसे केंद्र और रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी थी।
यह भी पढ़ें:- महायुति में अनबन! महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष की दिल्ली में ‘सीक्रेट’ बैठक, शाह से मिले रवींद्र चव्हाण
परियोजना का महत्व
यह रेल मार्ग मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच, विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार लाएगा। यह इंदौर और मुंबई के बीच सबसे छोटा और तेज़ रेल मार्ग होगा, जिससे यात्रा की दूरी लगभग 300 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इस मार्ग पर कुल 30 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। यह नासिक, धुलिया, खरगोन, बड़वानी जैसे आदिवासी क्षेत्रों को जोड़ेगा।
कृषि उत्पादों की तेज ढुलाई
नासिक जिले से मध्य प्रदेश में बड़ी मात्रा में प्याज ट्रकों के माध्यम से भेजा जाता है, जिसमें समय और लागत अधिक लगती है। रेल मार्ग से कम खर्च और कम समय में प्याज भेजना आसान हो जाएगा। यह परियोजना उत्तर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के औद्योगिक, कृषि और धार्मिक केंद्रों को जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
