Jharkhand News: सारंडा जंगल में नक्सलियों का कहर, IED विस्फोट में दो CRPF जवान घायल

घायलों में एक सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार मंडल और दूसरा जवान पार्थ प्रतिम डे हैं। दोनों सीआरपीएफ की 193 बटालियन से हैं। एक जवान की हालत बहुत गंभीर है। घायलों को जल्द से जल्द इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया।
Jharkhand News: सारंडा जंगल में नक्सलियों का कहर, IED विस्फोट में दो CRPF जवान घायल
घायलों को जल्द से जल्द इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया, फोटो - सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

पश्चिमी सिंहभूम : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बार फिर आईईडी विस्फोट की घटना हुई है। यह हादसा चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र में मारंगपोंगा इलाके के सारंडा जंगल में हुआ। इस धमाके में सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए।

घायलों में एक सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार मंडल और दूसरा जवान पार्थ प्रतिम डे हैं। दोनों सीआरपीएफ की 193 बटालियन से हैं। एक जवान की हालत बहुत गंभीर है। घायलों को जल्द से जल्द इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने इस घटना की पुष्टि की है।

यह विस्फोट शनिवार को उस वक्त हुआ, जब सुरक्षा बल जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। दोपहर करीब 2:30 से 2:45 बजे के बीच यह हादसा हुआ। दरअसल, नक्सलियों ने पहले से ही जंगल में आईईडी बम छिपा रखा था। जैसे ही सीआरपीएफ के जवान उस इलाके में पहुंचे, बम फट गया और दोनों जवान उसकी चपेट में आ गए। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें रांची ले जाया गया ताकि उनकी जान बचाई जा सके।

पहले भी इलाके में आईईडी विस्फोट हुए

सारंडा जंगल में नक्सलियों का खतरा पहले से ही बना हुआ है। वे अक्सर इस तरह के बम लगाकर सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार इस इलाके में आईईडी विस्फोट हुए हैं, जिसमें पुलिसकर्मी और आम लोग घायल हुए हैं। हाल ही में सुरक्षा बलों ने जंगल से 20 किलो का एक आईईडी बम बरामद किया था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने नष्ट कर दिया था। इसके अलावा नक्सलियों के बनाए पांच पत्थर के ठिकाने भी तोड़े गए थे। फिर भी, नक्सली अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।

इस घटना से एक बार फिर इलाके में तनाव बढ़ गया है। सुरक्षा बल अब और सतर्कता के साथ सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं ताकि ऐसे खतरों को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही घायल जवानों के जल्द ठीक होने की उम्मीद की जा रही है। यह घटना बताती है कि सारंडा जंगल में अभी भी शांति स्थापित करना कितना मुश्किल है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com