अब बदलेगा झारखंड में शराब का खेल! प्राइवेट कंपनियों की होगी एंट्री, जानें क्या हैं नए नियम

नई आबकारी नीति राज्य में शराब की बिक्री व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा है। अब देखना यह होगा कि निजी कंपनियों के आने के बाद राज्य में शराब बिक्री और इसके दामों पर कितना असर देखने को मिलता है।
अब बदलेगा झारखंड में शराब का खेल! प्राइवेट कंपनियों की होगी एंट्री, जानें क्या हैं नए नियम
सीएम हेमंत सोरेन, फोटो - सोशल मीडिया
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रांची : झारखंड की हेमंत सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी देकर राज्य में शराब की खुदरा बिक्री का रास्ता अब निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 15 मई को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली, जिसमें से सबसे अहम फैसला झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली 2025 की मंजूरी को लेकर रहा।

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अब राज्य में शराब की खुदरा बिक्री का संचालन निजी कंपनियां करेंगी। वहीं थोक बिक्री का अधिकार पहले की तरह झारखंड बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के पास ही रहेगा।

आबकारी सचिव मनोज कुमार ने बताया कि अब तक थोक और खुदरा दोनों बिक्री JSBCL द्वारा संचालित हो रही थी, लेकिन स्टाफ की कमी और अन्य चुनौतियों के कारण इसका प्रबंधन कठिन होता जा रहा था। इसलिए सरकार ने खुदरा बिक्री को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है।

लॉटरी सिस्टम से होगा दुकान का आवंटन

राज्यभर में कुल 1,453 शराब की दुकानों का संचालन निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा, जो लॉटरी सिस्टम के माध्यम से आवंटित की जाएंगी। मनोज कुमार ने बताया कि कोई भी व्यक्ति एक जिले में अधिकतम 12 दुकानें और पूरे राज्य में 36 दुकानों का मालिक बन सकता है।

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

  • झारखंड व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (शुल्क विनियमन) विधेयक, 2025 को मंजूरी।
  • एनसीसी कैडेट्स के भोजन भत्ते को 150 रुपये से बढ़ाकर 220 रुपये प्रतिदिन किया गया।
  • आयुष्मान वय वंदना योजना में 70 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया।
  • झारखंड जेल नियमावली 2025 के मसौदे को मंजूरी दी गई, जिससे पुराने बिहार जेल नियम खत्म होंगे।

क्या होंगे शराब के दाम?

नई नीति के तहत कुछ शराब ब्रांड्स के दामों में मामूली बदलाव देखने को मिलेगा। 500 में से लगभग 300 ब्रांड्स की कीमतों में 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं कुछ ब्रांड्स की कीमतें यथावत रहेंगी और कुछ में गिरावट भी आ सकती है। सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह नई नीति अगले एक महीने में लागू कर दी जाएगी और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।

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