Shibu Soren Net worth: इतने करोड़ के मालिक थे शिबू सोरेन, जानें कितनी थी नेटवर्थ

Jharkhand के एक्स सीएम और झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोकप्रिय नेता Shibu Soren का आज दिल्ली में निधन हो गया है। इस बात की जानकारी उनके बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी हैं।
झारखंड के एक्स सीएम और झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोकप्रिय नेता शिबु सोरेन का आज दिल्ली में निधन हो गया है। इस बात की जानकारी उनके बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी हैं।
शिबु सोरेन नेटवर्थ (सौ. सोशल मीडया )
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Shibu Soren Net worth: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के सबसे बड़े आदिवासी नेता में से एक शिबू सोरेन का आज निधन हो गया है। पिछले काफी दिनों से उनके स्वास्थ्य में गड़बड़ी की खबर सामने आ रही थी।

4 अगस्त 2025 को दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल में 81 साल के शिबू सोरेन ने अंतिम सांस ली। वे काफी लंबे समय से लीवर की बीमारी से पीड़ित थे और करीब 1 महीने से हॉस्पिटल में भर्ती थे। शिबु सोरेन ने आखिरी बार साल 2019 में चुनाव लड़ा था। चुनाव आयोग को दर्ज किए गए हलफनामे में शिबू सोरेन ने अपनी नेटवर्थ का खुलासा किया था। आइए आपको बताते हैं कि शिबू सोरेन कितने करोड़ की संपत्ति के मालिक थे?

शिबू सोरेन नेटवर्थ

चुनाव आयोग को दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार, झारखंड के एक्स सीएम शिबू सोरेन की नेटवर्थ 7 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। जिसमें से उनके ऊपर 2 करोड़ से ज्यादा का कर्ज था। इसके साथ ही उनके पास देश की राजधानी दिल्ली और गाजियाबाद में एक घर भी था।

केंद्र सरकार में निभायी अहम भूमिका

शिबू सोरेन ने साल 2004 से साल 2005 तक और फिर साल 2006 से साल 2008 तक कोयला मंत्री के रूप में केंद्र सरकार में कार्य किया। इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों के आरोप भी लगे।

बेटे हेमंत सोरेन रह चुके हैं मुख्यमंत्री

शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन भी झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और फिलहाल झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। शिबू सोरेन का परिवार राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है और आदिवासी राजनीति में प्रमुख स्थान रखता है। शिबू सोरेन को झारखंड के ग्रामीण इलाकों के लोग “गुरुजी” कहकर संबोधित करते हैं।

शिबू सोरेन का जीवन आदिवासी हितों की लड़ाई, जनआंदोलन और जमीनी राजनीति का प्रतीक है। चाहे वे सत्ता में रहे हों या विपक्ष में, उन्होंने हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज उठाई। आज भी झारखंड की राजनीति में उनका नाम आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है।

कैसा रहा शिबू सोरेन का प्रारंभिक जीवन

शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को बिहार जो अब झारखंड है, वहां के दुमका जिले के नेमरा गांव में हुआ। वे एक संताल आदिवासी समुदाय से आते हैं। बचपन से ही उन्होंने अपने समुदाय पर हो रहे शोषण और जबरन जमीन हथियाने के मामलों को करीब से देखा। इन्हीं मसलों ने उनके भीतर सामाजिक न्याय की भावना को बल दिया।

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