प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Jaish-e-Mohammed Commander Killed: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छातरू क्षेत्र में रविवार को सुरक्षा बलों और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस संयुक्त कार्रवाई में भारतीय सेना और एसओजी ने जैश के एक टॉप कमांडर को मार गिराने की जानकारी है, जबकि दो अन्य घायल हैं।
किश्तवाड़ के छातरू में रविवार को बड़ी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। रविवार की सुबह किश्तवाड़ के छातरू क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना और एसओजी (SOG) किश्तवाड़ की एक संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई। जैसे ही घेरा सख्त हुआ, आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के एक टॉप कमांडर को ढेर कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया आतंकी जैश-ए-मोहम्मद का कुख्यात कमांडर सैफुल्लाह हो सकता है, जिस पर प्रशासन ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हालांकि, सेना और स्थानीय पुलिस ने अभी तक मारे गए आतंकी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। किश्तवाड़ के इन दुर्गम और घने जंगलों में पिछले 36 दिनों से लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने पहले भी जैश के एक अन्य कुख्यात आतंकी आदिल को मार गिराया था। माना जा रहा है कि सैफुल्लाह और उसके दो साथी इसी क्षेत्र के जंगलों में ठिकाना बनाए हुए थे।
#Kishtwar Encounter :
Security forces have neutralised Jaish-e-Mohammed terrorist commander #Saifullah. 2 more terrorists trapped (injured) pic.twitter.com/08pV0dP8YJ — IDU (@defencealerts) February 22, 2026
मुठभेड़ स्थल और उसके आसपास के इलाकों, विशेषकर पासरकुट क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह घेर लिया है। जंगलों की कठिन भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सेना द्वारा आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। आतंकियों की सही स्थिति का पता लगाने और घेराबंदी को अभेद्य बनाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर के जरिए चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में दो अन्य आतंकी घायल हुए हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।
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क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवादियों के संचार तंत्र को तोड़ने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। किश्तवाड़ के छातरू, सिंहपुरा, चिंगम और कौशल जैसे संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकी इंटरनेट का उपयोग अपने सहयोगियों से संपर्क करने या अफवाहें फैलाने के लिए कर सकते हैं, जिसे रोकने के लिए यह पाबंदी लगाई गई है। फिलहाल पूरे इलाके में सेना की पकड़ मजबूत है और अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।